राजधानी में सरकारी व निजी स्कूलों के बच्चे दवाओं व मादक द्रव्यों के सेवन का शिकार नहीं बनेंगे। शिक्षा निदेशालय बच्चों में दवा और मादक द्रव्यों के सेवन को नियंत्रित करने के लिए फिल्म शो का सहारा लेने जा रहा है।
स्कूलों को रचनात्मक गतिविधियां कराने के लिए भी कहा गया है जिसकी जांच समय-समय पर निदेशालय करेगा।
अतिरिक्त शिक्षा निदेशक (स्कूल) डॉ. सुनीता कौशिक ने इस संबंध में स्कूलों को कहा है कि बच्चों को इनसे होने वाली बीमारियों और उनके प्रभावों के विषय में तैयार किया जाए। निदेशालय ने इसके लिए स्कूलों को गतिविधियां भी सुझाई हैं और निर्देश दिए हैं कि स्कूल नुक्कड़ नाटक से लेकर रोल प्ले पर आधारित जागरूकता गतिविधियां कराएं।
इसके अलावा प्रार्थना सभा में नशीले द्रव्यों के उपयोग और उनके दुष्प्रभावों के विषय में जानकारी दें। फिल्म शो के माध्यम से इनसे होने वाली बीमारियों के प्रभाव और उनके रोकथाम के बारे में बताया जाए।
बच्चों की ऊर्जा को सही दिशा में लगाने के लिए योगा व स्पोर्ट्स गतिविधियां स्कूल में प्रतिदिन हों। पदार्थों के दुष्प्रभाव और उसकी रोकथाम के लिए हेल्पलाइन नंबर को स्कूल के नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित किया जाए।