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नौनिहालों के दाखिले को करना होगा इतना खर्च

Mon, 24 Nov 2014 11:20 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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दिसंबर से शहर के प्राइवेट और कान्वेंट स्कूलों में दाखिले की दौड़ शुरू होगी। अप्रैल 2015 सत्र में नौनिहलों के दाखिले का इंतजार कर रहे अभिभावकों की जेब इस साल अधिक ढीली होने की उम्मीद है। इस बार अभिभावकों को एडमिशन फीस पर 30 हजार से एक लाख रुपये तक खर्च करना पड़ेगा।
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प्राइवेट स्कूलों से मिली जानकारी अनुसार, अगले सत्र में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों की फीस 10 से 12 फीसदी बढ़ सकती है। सभी प्राइवेट स्कूल आजकल अगले सत्र के फीस स्ट्रक्चर को फाइनल टच देने में जुटे हैं।

दिसंबर के पहले हफ्ते में डीपीआई (स्कूल) और प्राइवेट स्कूल प्रबंधकों की बैठक के बाद एडमिशन प्रक्रिया शुरू करने पर फैसला लिया जाएगा। बता दें कि सेक्टर-26 स्थित स्ट्रॉबेरी फील्ड हाई स्कूल शहर के सबसे महंगे प्राइवेट स्कूलों में गिना जाता है।
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इस स्कूल में बच्चे का केजी में दाखिला लेने के लिए अभिभावक को फीस और अन्य खर्च एक लाख रुपये तक खर्च करने पड़ सकते हैं। शहर के टॉप 10 प्राइवेट स्कूलों में दाखिला फीस औसतन 35 से 40 हजार होगी। अधिकतर प्राइवेट स्कूल दाखिला फीस के साथ 3-4 महीने की ट्यूशन फीस भी लेते हैं।

शहर के प्रमुख स्कूलों की संभावित फीस
स्ट्रॉबेरी फिल्ड सेक्टर-26 ( 1 लाख)
विवेक हाई स्कूल-38 ( 47 से 50 हजार)
भवन विद्यालय-33 (35 से 40 हजार)
सॉपिंस स्कूल-32 (25 से 30 हजार)
दिल्ली पब्लिक स्कूल ( 48 से 50 हजार)
गुरुकुल ग्लोबल स्कूल मनीमाजरा ( करीब 70 हजार)  
नोट- (यह फीस 2014 सत्र के हिसाब से है, फीस में क्वाटरली फीस भी शामिल है)

कान्वेंट में दाखिला फीस 15 से 22 हजार
शहर के चार कान्वेंट स्कूल सेंट जोन, सेक्रेड हार्ट, कार्मल कान्वेंट और सेंट ऐंस में एडमिशन फीस 15 से 20 हजार ली जाती है। 2014 सत्र में सेंट जोन ने 20 हजार, सेंट ऐंस ने 22,200 और कार्मल कान्वेंट स्कूल ने 15 हजार फीस एडमिशन के समय जमा राई थी। इस साल कान्वेंट स्कूल भी एडमिशन फीस में कुछ फीसदी बढ़ोतरी कर सकते हैं। प्राइवेट स्कूलों के मुकाबले कान्वेंट स्कूलों में फीस कुछ कम ली जाती है।

जस्टिस मोंगिया की रिपोर्ट ठंडे बस्ते में
2014 में शिक्षा विभाग ने शहर के प्राइवेट स्कूलों के फीस स्ट्रक्चर को लेकर रिटायर्ड जस्टिस आरएस मोंगिया की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई थी। कमेटी को सभी स्कूलों में जाकर फीस और खर्च की पूरी डिटेल जुटाने की जिम्मेदारी दी गई थी। लेकिन, अभी तक जस्टिस मोंगिया की रिपोर्ट ठंडे बस्ते में है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, प्राइवेट स्कूल खर्च के मुताबिक रेशो में ही फीस बढ़ा सकते हैं।

... और सरकारी स्कूलों में निशुल्क पढ़ाई
शहर के प्राइवेट स्कूलों में एंट्री लेवल पर ही सालाना 40 से 50 हजार फीस वसूली जा रही है। उधर शिक्षा विभाग के सरकारी स्कूलों में पहली से आठवीं क्लास तक कोई फीस नहीं ली जाती। जरूरतमंद  विद्यार्थियों को किताबें और ड्रेस भी निशुल्क दी जाती हैं। हर साल सरकारी स्कूलों में एंट्री लेवल पर 5 से 6 हजार बच्चों को दाखिला मिलता है।
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