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स्कूल में छोड़े ‘क्लोन’ तो नपेंगे गुरुजी

Fri, 08 Aug 2014 10:17 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों के औचक निरीक्षण के दौरान कई मामले ऐसे सामने आए हैं, जहां शिक्षकों की जगह गांव के बेरोजगार युवक बच्चों को पढ़ाते मिले।
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शिक्षा महानिदेशालय सख्त
इसके अलावा बिना सूचना के शिक्षक नदारद मिलते रहे हैं। ऐसे मामलों पर अब शिक्षा महानिदेशालय ने सख्त रवैया अख्तियार किया है।

स्कूल में अपनी जगह दूसरे लोगों को पढ़ाने का काम देने वाले शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया गया है। इसी तरह कम उपस्थिति पर शिक्षकों और विभागीय अफसरों को भी नापा जाएगा।

शिक्षा महानिदेशक राधिका झा का कहना है कि कुछ उदासीन शिक्षकों की वजह से प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में अब सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
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बताया कि विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए उप शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी और जनपदीय शिक्षा अधिकारियों का दायित्व तय किया गया है।
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होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई
अनुपस्थित शिक्षकों के खिलाफ न सिर्फ अनुशासन एवं अपील नियमावली के प्रावधानों के अनुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

नो वर्क नो पे के तहत वेतन भी कटेगा। बताया कि शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए प्रदेशभर में विशेष सघन निरीक्षण किया जाएगा।

यह होगी कार्रवाई
- बिना अवकाश स्वीकृति के अनुपस्थित शिक्षकों को निलंबित किया जाएगा, उन्हें तीन दिन के भीतर आरोपपत्र मिल जाएगा।

- निरीक्षण के दौरान शिक्षकों की औसत उपस्थिति लगातार तीन बार प्राथमिक और उच्च प्राथमिक में 50 प्रतिशत एवं माध्यमिक में 75 प्रतिशत से कम पाए जाने पर संबंधित उप खंड शिक्षा अधिकारी और प्रिंसिपल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

- बीईओ, डीईओ, सीईओ और नियुक्ति अधिकारी ने दिए निर्देशों के अनुरूप कार्रवाई न की तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
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