दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनावों में जीत का दावा कर रहे छात्र संगठन एनएसयूआई और आइसा के मुद्दे लगभग एक जैसे हैं। दोनों ही संगठनों ने अपना मुख्य मुद्दा छात्रावास उपलब्ध कराने को बनाया है।
एनएसयूआई ने जहां छात्रों से समस्याओं को पूछ कर अपने घोषणा पत्र तैयार किया है, वहीं आइसा ने कॉलेज-कॉलेज जाकर छात्रों से जनरल बॉडी मीटिंग करके मु्द्दों को अपने घोषणा पत्र में शामिल किया है।
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एनएसयूआई और आइसा ने बृहस्पतिवार को एक संवाददाता सम्मेलन में डूसू चुनाव के लिए अपना घोषणा पत्र जारी किया।
वहीं, आइसा ने चारों पदों के लिए अपने पैनल की भी घोषणा की। एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष रोजी एन जॉन ने घोषणा पत्र जारी करते हुए कहा कि राष्ट्रीय मुद्दों के बजाय छात्रों से जुड़े मुद्दों को जगह दी गई है।
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उन्होंने कहा कि कैंपस में आवास और सुरक्षा के लिए लगातार एनएसयूआई प्रयास करती रही है। अब छात्रों को छात्रावास का अधिकार दिलाने का प्रयास किया जाएगा। पूर्व डूसू अध्यक्ष रागिनी नायक ने कहा कि एनएसयूआई के लिए चेहरे नहीं, मुद्दे महत्वपूर्ण हैं।
मुद्दे का ही असर है कि एनएसयूआई की मिस कॉल करने की पहल पर अब तक 10,000 मिस कॉल आ चुके हैं। वहीं, आइसा के चारों उम्मीदवारों ने घोषणा पत्र जारी किया।
अध्यक्ष पद की उम्मीदवार मधुरिमा छात्रों के बीच चार अहम मुद्दों को लेकर जाएंगी, जिसमें हॉस्टल की व्यवस्था, जेंडर अवेयरनेस सेल, परिवहन व्यवस्था और पुनर्मूल्यांकन शामिल है।
आइसा का डूसू चुनावों में सुधारों की जरूरत पर भी फोकस है। इसके लिए आइसा चुनावों से पैसे और बाहुबल के खात्मे के लिए लड़ाई जारी रखेगा।
आइसा ने अपने डूसू पैनल की घोषणा की
वामपंथी संगठन आइसा ने डूसू चुनावों के लिए चारों पदों पर अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। आइसा ने अध्यक्ष पद पर हिंदू कॉलेज में बीए तृतीय वर्ष अर्थशास्त्र की छात्रा मधुरिमा को अध्यक्ष पद का उम्मीदवार बनाया है।
उपाध्यक्ष पद पर दयाल सिंह कॉलेज में एमए अंग्रेजी के छात्र अमन नवाज को मैदान में उतारा है। सचिव पद पर के लिए वेंकटेश्वर कॉलेज में बीए प्रोग्राम प्रथम वर्ष के छात्र अमन गौतम को मौका दिया है। वहीं, संयुक्त सचिव पद पर बुद्धिस्ट स्टडीज के विक्रमादित्य को अपना उम्मीदवार बनाया है।