दिल्ली विवि की दाखिला प्रक्रिया के दौरान हर साल किताबों की दुकानों पर फॉर्म की कालाबाजारी होने की बात सामने आती है लेकिन इस बार की दाखिला प्रक्रिया के पहले दिन ही नार्थ कैंपस के नामी कॉलेज में फॉर्म की कालाबाजारी देखने को मिली।
नार्थ कैंपस के फॉर्म सेंटर श्री गुरु तेग बहादुर खालसा कॉलेज के परिसर के अंदर मेन गेट केसामने एक लड़का समूह में 100 रुपये केफॉर्म को 200 रुपये में बेचता देखा गया। प्रिंसिपल डॉ जसविंदर सिंह के वहां पहुंचने पर वह वहां से भाग गया।
दौलतराम कॉलेज की भीड़ खालसा कॉलेज में पहुंच गई। जिसकेकारण खालसा कॉलेज में भी काफी भीड़ हो गई। दोपहर 12 बजे केबाद काफी भीड़ वहां हो गई। जिसकेकारण काउंटर से फॉर्म लेने में छात्रों को काफी दिक्कत होने लगी।
जिसका फायदा उठाते हुए कॉलेज परिसर में ही एक व्यक्ति ने अपने कुछ सार्थियों के साथ दोगुनी कीमतों पर आवेदन फॉर्म बेचना शुरू किया।
इस व्यक्ति से फॉर्म खरीदने वाली दो छात्राओं बतूल और कोमल ने बताया कि काउंटर पर इतनी भीड़ थी कि वहां लड़कियों के लिए पहुंचना मुश्किल था और काउंटर बंद होने का समय हो रहा था।
लिहाजा जब उस व्यक्ति ने उनसे फॉर्म देने की बात 200 रुपये में कही तो उन्होंने झंझट से बचते हुए उससे फॉर्म 200 रुपये में खरीद लिया। इस बात की जानकारी मिलने पर डॉ जसविंदर सिंह उस जगह पर आए लेकिन उन्हें देख वह लोग वहां से खिसक लिए।
प्रिंसिपल का कहना
डॉ जसविंदर सिंह ने कहा कि कॉलेज काउंटरों से किसी भी को पांच से ज्यादा फॉर्म नहीं दिए जा रहे हैं। अगर उतने भी फॉर्म लेकर कोई कालाबाजारी कर रहा है तो उस पर कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि कॉलेज ऐसी घटनाओं को बर्दाशत नहीं करेगा।
जब उन्होंने छात्राओं से 200 रुपये फॉर्म केलिए दिए जाने की बात पूछी तो उन्होंने कहा कि भीड़ के कारण उन्हें ऐसा करना पड़ा। उन्होंने छात्रों से अपील की है कि अगर ज्यादा कीमत देकर फॉर्म ना खरीदे और अगर कोई ज्यादा कीमत में बेच रहा हो तो उसकी शिकायत करें।