दिल्ली विश्वविद्यालय की दाखिला प्रक्रिया में छात्र अब ऑनलाइन आवेदन पर भरोसा जताने लगे हैं लेकिन छात्र सावधानीपूर्वक ऑनलाइन फॉर्म भरें। छोटी सी चूक भारी पड़ सकती है।
दरअसल, ऑनलाइन प्रक्रिया में फॉर्म जमा कराने के बाद सुधार करने का विकल्प नहीं है। डीयू प्रशासन ने कहा है कि छात्र ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन करने से पहले फॉर्म भरने का अभ्यास जरूर करें।
ऑफलाइन आवेदकों के लिए प्रॉस्पेक्ट्स में ही अभ्यास के लिए फॉर्म दिया गया है। इसी तरह से ऑनलाइन बुलेटिन से फॉर्म का प्रिंटआउट लेकर प्रैक्टिस की जा सकती है।
छात्रों को फॉर्म में दिए सभी विकल्पों को बेहद ही ध्यान से भरना होगा। अगर कोई भी सूचना नहीं भरी या गलत भर दी और फॉर्म जमा करा दिया तो सुधार की कोई गुंजाइश नहीं है।
पीएचडी हिंदी में आवेदन शुरू
दिल्ली विश्वविद्यालय में पीएचडी हिंदी में आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह प्रक्रिया 17 जून तक चलेगी। प्रवेश परीक्षा 13 जुलाई को दोपहर बारह बजे कला संकाय (डीयू मेन कैंपस) में होगी। फॉर्म कला संकाय (आर्ट्स फैकल्टी) से सभी कार्य दिवसों पर 100 रुपये के भुगतान पर प्राप्त किए जा सकते हैं। फॉर्म के साथ सामान्य और अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को रुपये 500 और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति और अशक्त श्रेणी के छात्रों को 250 रुपये का बैंक ड्राफ्ट रजिस्ट्रार डीयू के नाम लगाना होगा। आवेदन पत्र के साथ पासपोर्ट साइज फोटो लगाना होगा।
प्रवेश परीक्षा 75 अंकों की होगी जबकि साक्षात्कार 25 अंकों का होगा। परीक्षा में हिंदी भाषा, साहित्य, संस्कृति पर आधारित वस्तुपरक और वर्णनात्मक प्रश्न पूछे जाएंगेे। एंट्रेंस में पास होने के लिए सामान्य श्रेणी के छात्रों को कम से कम 30 अंक लाने होंगे। विश्वविद्यालय के नियमों के मुताबिक, छात्रों को प्रवेश के समय इस आशय का शपथ पत्र देना होगा कि वह किसी अन्य यूनिवर्सिटी में पीएचडी के लिए रजिस्टर्ड नहीं है। अधिक जानकारी विश्वविद्यालय की वेबसाइट www.du.ac.in से प्राप्त की जा सकती है।
फॉर्म बिक्री का आंकड़ा दो लाख के पार पहुंचा
दिल्ली विश्वविद्यालय में आवेदन प्रक्रिया में अभी ग्यारह दिन बाकी है, लेकिन कुल 54 हजार सीटों के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन मिलाकर अभी तक 96,786 फॉर्म जमा हो चुके हैं। वहीं, शुरुआत में सुस्त रही ऑनलाइन प्रक्रिया की रफ्तार ने अब ऑफलाइन फॉर्म जमा कराने की गति को धीमा कर दिया है।
अब तक ऑनलाइन 57,577 फॉर्म जमा हो चुके हैं जबकि ऑफलाइन प्रक्रिया के तहत 39,209 फॉर्म ही जमा हुए हैं। अगर चार दिनों के ऑफलाइन बिक्री व ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की बात की जाए तो यह आंकड़ा 2.16 लाख तक जा पहुंचा है।
वहीं सभी सेंटरों पर आवेदन खिड़की खुलते ही छात्रों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। हालांकि फॉर्म खरीदने वाले काउंटरों की बजाय भीड़ अब जमा कराने वाले काउंटरों पर देखने को मिल रही है। 45 डिग्री पारे के बावजूद छात्रों ने कैंपस आकर ही फॉर्म लेना और जमा कराना जरूरी समझा।
गर्मी को देखते हुए देखते हुए प्रशासन ने सलाह दी है कि छात्र ऑफलाइन की बजाय ऑनलाइन फॉर्म भरने को ही महत्व दें। प्रशासन भी मान रहा है कि अब फॉर्म जमा कराने वालों की भीड़ बढ़ेगी। ऑनलाइन आवेदन में बाहरी राज्यों वाले भी ज्यादा आवेदन करने लगेंगे। दूसरी ओर अन्य सेंटरों के मुकाबले में नॉर्थ कैंपस स्थित दौलत राम और खालसा कॉलेज के सेंटर में ही सबसे ज्यादा फॉर्म बिक रहे हैं और जमा भी हो रहे हैं।