यूपी बोर्ड में नौवीं और 11वीं में पंजीकरण की जांच अब जिलाधिकारी की निगरानी में होगी। डीएम ने जिले में सबसे ज्यादा पंजीकरण कराने वाले पांच कॉलेजों की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की है।
इसमें एसडीएम मलिहाबाद, सीओ मलिहाबाद और एसोसिएट डीआईओएस शामिल हैं। समिति की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
नौवीं और 11वीं में इस वर्ष ऑनलाइन पंजीकरण हुए हैं। इसका फायदा उठाते हुए कॉलेजों ने धारण क्षमता से कई गुना ज्यादा पंजीकरण कर डाले।
जिला विद्यालय निरीक्षक ने 200 से ज्यादा पंजीकरण करने वाले सभी कॉलेजों को ब्यौरा देने को कहा लेकिन किसी ने जवाब दाखिल नहीं किया।
माल स्थित नन्हे सिंह स्मारक इंटर कॉलेज में तो 11वीं में एक हजार से ज्यादा पंजीकरण हुए हैं। एसोसिएट डीआईओएस के जांच करने पर पंजीकरण के मुकाबले मौके पर मुश्किल से 10 फीसदी स्टूडेंट्स ही मिले। बाकी विद्यालयों की जांच लंबित है।
फंस सकते हैं ये कॉलेज...
ऐसे में जिला अधिकारी ने फर्जी पंजीकरण की जांच कराने संबंधी आदेश जारी किया है। नन्हेसिंह स्मारक, कुंवर आसिफ अली संजू मियां, जावेद अली, एसपी सिंह और महेश सिंह सरस्वती इंटर कॉलेज की जांच करने के लिए समिति का गठन कर दिया गया है।
138 विद्यालय बने केंद्र यहां हुए सबसे ज्यादा पंजीकरण
महेश सिंह सरस्वती इंटर कॉलेज में नौवीं में 646, 11वीं में 980 पंजीकरण हुए हैं।
नन्हेसिंह स्मारक इंटर कॉलेज में कक्षा नौ में 389, 11वीं में 1048 रजिस्ट्रेशन हुए हैं। जावेद अली इंटर कॉलेज में कक्षा नौ में 497, कक्षा 11 में 377, कुंवर आसिफ अली इंटर कॉलेज में नौवीं में 287, 11वीं में 554, एसपी सिंह इंटर कॉलेज में नौवीं में 376, 11वीं में 365 पंजीकरण हुए हैं।
जिला अधिकारी ने फर्जी पंजीकरण की आशंका के चलते जांच कराने का आदेश जारी किया है। जांच में फर्जी पंजीकरण साबित होने की सूरत में विद्यालय के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।