देश भर के प्रतिभावान छात्रों का पता लगाने व उनकी प्रतिभा को पोषित करने के लिए होने वाली राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा (नेशनल टैलेंट सर्च एग्जामिनेशन) में अब ओपन डिस्टेंस लर्निंग (पत्राचार) से पढ़ाई करने वाले छात्र भी बैठ सकेंगे।
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने दूरस्थ शिक्षा लेने वाले छात्रों को छात्रवृत्ति देने का निर्णय लिया है। यह बदलाव 2015-16 में लागू होंगे। वहीं, एससी-एसटी को यह परीक्षा क्वालीफाई करने के लिए अधिक अंक लाने होंगे।
एनसीईआरटी द्वारा गठित रिव्यू समिति ने इसके लिए यह तय किया गया है कि छात्रवृत्ति के योग्य होने के लिए 1 जुलाई तक 18 वर्ष से कम आयु होनी चाहिए। छात्र कहीं कार्यरत भी नहीं होना चाहिए। वह पहली बार ही 10वीं की परीक्षा में बैठ रहा हो।
रिव्यू कमेटी ने एनटीएसई-2 के लिए आरक्षित वर्गों के छात्रों के क्वालीफाइंग अंकों में बढ़ोतरी करने का निर्णय भी लिया है। अब तक एससी-एसटी व शारीरिक रुप से विकलांग छात्रों को क्वालीफाइंग अंकों के रूप में 32 अंक लाने होते थे लेकिन अब उन्हें कम से कम 35 अंक लाने होंगे।
मालूम हो कि इसका आयोजन दो स्तरों पर किया जाता है। जिसमें सर्वप्रथम राज्य स्तर पर फिर चयनितों की राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षा होती है। 10वीं उत्तीर्ण छात्र इसमें हिस्सा ले सकते हैं। इसके लिए देश भर से एक हजार छात्रों का चयन किया जाता है।