दिल्ली विश्वविद्यालय में सत्र 2015-16 के दाखिले के लिए ऑफलाइन रेस शुक्रवार को शुरू हो गई। पहले दिन ऑफलाइन आवेदन हिट रहा तो 9 दिनों से जारी ऑनलाइन आवेदन सुपरहिट दिखाई दिया। ऑनलाइन आवेदन का ही नतीजा रहा कि ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया के पहले दिन ही कुल 21,813 फॉर्म बिक गए, जबकि बीते साल यह आंकड़ा 32,460 था। इस बार पहले दिन ऑफलाइन फॉर्म जमा कराने पर छात्रों का ज्यादा जोर रहा।
आठों सेंटरों पर कुल 5,111 फॉर्म जमा हुए, जबकि बीते साल यह आंकड़ा 3,129 था। वहीं ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया भी तेजी से आगे बढ़ रही है। डीयू की ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया के पहले दिन ही कुल आठ सेंटरों पर 21, 813 फॉर्म बिक गए, जबकि ऑनलाइन फॉर्म जमा कराने का आंकड़ा 1,41,590 तक जा पहुंचा है। दोनों तरह के आवेदन के आंकड़ों पर नजर डालें तो अब तक 1,46,701 फॉर्म जमा हो गए हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि डीयू की 54000 सीटों पर दावेदारी कितनी कठिन होने वाली है।
ऑफलाइन आवेदन के लिए शुक्रवार को पहला दिन होने के कारण खालसा कॉलेज, राजधानी, एआरएसडी, श्यामलाल और गार्गी जैसे सेंटरों पर छात्र-छात्राओं की काफी भीड़ रही। आलम यह रहा कि खालसा कॉलेज सेंटर पर तो सुबह 9.30 बजे शुरू होने वाली फॉर्म की बिक्री सुबह 9 बजे ही शुरू कर दी गई। सभी आठ दाखिला सेंटरों पर सुबह से ही छात्रों की कतारें लगनी शुरू हो गई थीं।
यह सिलसिला दोपहर बाद तक जारी रहा। खालसा कॉलेज में फॉर्म बिक्री के लिए पांच खिड़की बनाई गई थीं, जबकि दो खिड़की जमा कराने के लिए थीं। वहीं श्यामलाल कॉलेज में भीड़ को देखते हुए फॉर्म बिक्री के लिए ज्यादा खिड़की खोली गईं। इसी तरह से गार्गी और राजधानी कॉलेज में भी अतिरिक्त खिड़की खोलकर फॉर्म बेचे और जमा किए गए। प्रशासन ने कॉलेजों को सख्त हिदायत दी थी कि छात्रों को किसी प्रकार की समस्या नहीं आनी चाहिए।
डीयू ने बीते साल की तरह इस बार भी ऑनलाइन आवेदन का विकल्प दिया है, जिसे बीती 28 मई से ही शुरू कर दिया गया है। शुक्रवार को शाम 5 बजे तक कुल 2,35,728 ऑनलाइन पंजीकरण हो गए, जबकि फीस के साथ कुल 1,41,590 ऑनलाइन आवेदन जमा हुए।