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DU: आर्ट्स हाउसफुल, अब सिर्फ कॉमर्स में मौका!

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दिल्ली यूनिवर्सिटी की दूसरी कट ऑफ लिस्ट हैरान करने वाली है। कैंपस कॉलेज हो या फिर आउट ऑफ कैंपस, कॉलेजों में आर्ट्स कोर्स पर हाउस फुल का बोर्ड लग गया है। हालांकि कॉमर्स में अब भी दाखिला मिल सकता है। दूसरी कट ऑफ में 0.25 से लेकर 10 फीसदी तक की गिरावट देखने को मिली है।
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दूसरी कटऑफ के दाखिले शुक्रवार से शुरू होंगे और सोमवार तक चलेंगे। लिस्ट पर गौर किया जाए तो इतिहास, राजनीति शास्त्र, साइकोलॉजी, सोशोलॉजी सरीखे कोर्स के दाखिले कई कॉलेजों में बंद हो गए हैं।

अब सिर्फ आरक्षित वर्ग के दाखिले!

ज्यादातर कॉलेजों में भले ही सामान्य वर्ग के लिए दाखिले बंद हो गए हों, लेकिन अन्य वर्गों के लिए अब भी दाखिले की काफी गुजाइंश बाकी है। एसपीएम में संस्कृत में 10 फीसदी की गिरावट है। जबकि श्याम लाल कॉलेज में बीएससी फिजिकल साइंस (इलेक्ट्रॉनिक) में 9, केमिस्ट्री में 5 व कंपयूटर साइंस में 6 फीसदी की कमी की गई है। रामलाल आनंद ने हिंदी पत्रकारिता में 10 फीसदी की गिरावट की है।

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मोतीलाल कॉलेज में बीए की कटऑफ 60-85 फीसदी रह गई है। कालिंदी में भी बीए में 6 फीसदी कमी की गई है। आचार्य नरेंद्र देव में कंपयूटर साइंस में 93-98 पर दाखिला हो जाएगा।

अभी आनी हैं 6 लिस्ट

डीयू में दाखिले की पहली कटऑफ लिस्ट बहुत ऊंची जाने से बहुत से छात्रों को झटका लगा है। आमतौर पर कैंपस कॉलेजों में पहली लिस्ट ऊंची ही जाती है लेकिन इस बार आउट ऑफ कैंपस कॉलेजों में भी कटऑफ का स्तर काफी ज्यादा रहा। लिहाजा कॉलेजों में दाखिले तो हुए लेकिन बीते सालों जैसे स्थिति नहीं बनी। हालांकि कई कोर्स में दूसरी कटऑफ आने की संभावना कम है।

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प्रिंसिपल की सलाह है कि छात्रों को अभी से परेशान होने की जरूरत नहीं है। अभी छह लिस्ट आनी हैं और दूसरी कटऑफ के जारी होने के बाद पहली लिस्ट के दाखिलों का नाम वापसी का दौर भी शुरू हो जाएगा।

अभी हैं दाखिले के कई मौके

डीयू में पहली कटऑफ लिस्ट के दाखिलों के लिए बृहस्पतिवार को आखिरी दिन रहा। ऊंची कटऑफ के कारण कैंपस कॉलेजों में तो कई कोर्स की सीटें नहीं भरीं। वहीं, कुछ कॉलेजों में काफी दाखिले हो गए। मिरांडा हाउस की प्रिंसिपल डॉ. प्रतिभा जौली का कहना है कि पहली बात तो जिस कटऑफ में दाखिला मिले, वहां ले लें और दूसरी बात यह कि छात्रों को दाखिले की आस नहीं छोड़नी चाहिए।

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दूसरी कटऑफ के बाद बहुत से छात्र एक कॉलेज की सीट छोड़कर दूसरे कॉलेज में दाखिला लेते हैं। इससे कुछ कॉलेजों में सीटें खाली होंगी, लिहाजा छात्रों के पास दाखिले का पूरा मौका रहेगा।
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अभी और गिरेगी कटऑफ

बीते सालों के आंकड़ों पर गौर करें तो कैंपस कॉलेजों में पहली और आखिरी लिस्ट में मात्र 0.25 से 1.50 फीसदी का अंतर देखने को मिलता है। कॉमर्स कोर्स में तो यह अंतर आधे से एक प्रतिशत के बीच ही रहता है।

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लेकिन आउट ऑफ कैंपस में कॉलेजों में अंतिम लिस्ट आते-आते यह अंतर एक से तीन फीसदी तक पहुंच जाता है। लिहाजा जिन छात्रों को ठीकठाक अंक प्रतिशत होने के बावजूद पहली कट ऑफलिस्ट में जगह नहीं मिली है, वे अभी से परेशान न हों। अगली लिस्ट का इंतजार करें। जिस लिस्ट में भी आपको अपने मनपसंद कोर्स में दाखिला मिले, तुरंत दाखिला ले लें।
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