उपस्थिति कम होने के नाम पर छात्रों से भारी वसूली का मामला प्रकाश में आया है। देवभूमि इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के छात्रों ने यूटीयू लोकपाल से शिकायत की है।
साल बर्बाद होने के कगार पर
आरोप है कि कॉलेज ने जुर्माने का पैसा न देने पर उन्हें विवि की परीक्षाओं से बाहर कर दिया। इससे उनका साल बर्बाद होने के कगार पर आ गया है।
सोमवार को उत्तराखंड तकनीकी विवि (यूटीयू) के लोकपाल नोडल अधिकारी के दफ्तर में पहुंचे एक पिता रोने लगे। बताया कि वह माली हैं। बेटे को इंजीनियर बनाने के लिए किसी तरह डीबीआईटी में फीस जमा की थी।
आरोप लगाया कि कॉलेज ने 16 हजार रुपए जुर्माना मांगा है, जिसमें से 8000 वह जमा करा चुके हैं। इसके बावजूद बेटे को पेपर नहीं देने दिया गया।
बीटेक अंतिम वर्ष के है छात्र
उन्होंने लोकपाल में प्रमाण सहित लिखित शिकायत की। इसके अलावा बीटेक अंतिम वर्ष के ऐसे 48 छात्र हैं, जिन्हें कॉलेज ने विवि की परीक्षाओं से बाहर कर दिया।
एक छात्र ने तो आरोप लगाया कि फाइन न देने पर उसके हाथ से परीक्षा की उत्तर पुस्तिका छीन ली गई थी। इसके बाद बाकी पेपरों में बैठने नहीं दिया गया।
छात्रों का कहना है कि वे शिकायत लेकर पुलिस के पास भी गए, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। विवि प्रशासन ने भी शिकायत पर कदम नहीं उठाया।
कॉलेज प्रशासन करता है अभद्रता
यूटीयू लोकपाल पहुंचे कई छात्रों ने कालेज के चेयरमैन और अन्य पदाधिकारियों पर अभद्रता का आरोप लगाया।
कुछ छात्रों ने जुर्माना मांगने की बात की रिकॉर्डिंग भी फोन पर रखी थी। छात्रों ने बताया कि वे अपनी मांग उठाते हैं तो अपशब्दों और अभद्रता के साथ उन्हें भगा दिया जाता है।
मामला संज्ञान में है। जल्द ही संस्थान को नोटिस जारी किया जाएगा। छात्रों के भविष्य के मद्देनजर संस्थान को अपना पक्ष रखना होगा।
- एसपी रावत, नोडल अधिकारी, यूटीयू लोकपाल
हमारे पास कोई भी लिखित शिकायत आएगी तो हम निश्चित तौर पर सख्त कार्रवाई करेंगे।
- आरके सिंह, परीक्षा नियंत्रक, यूटीयू
जिन छात्रों की उपस्थिति कम है, उन्हें हमने परीक्षा से बाहर किया है। ऐसे 48 नहीं करीब 200 छात्र हैं। हमने किसी से जुर्माना नहीं वसूला है।
- संजय बंसल, चेयरमैन, डीबीआईटी