सीपीएमटी-2014 की काउंसलिंग में रविवार को जमकर हंगामा हुआ। केजीएमयू की बढ़ी हुई सीटों को काउंसलिंग में शामिल करने को लेकर गतिरोध बना रहा।
अभ्यर्थियों के साथ आए अभिभावकों ने वहां केजीएमयू की सीटों पर प्रवेश को लेकर स्थिति साफ करने को लेकर हंगामा भी किया।
देर शाम विशेष सचिव चिकित्सा शिक्षा अरिंदम भट्टाचार्या ने जब प्रोविजनल प्रवेश की दिक्कतों को बताया, तब काउंसलिंग शुरू हो पाई। इस दौरान शाम के चार बज गए थे।
इसके बावजूद देर रात तक प्रदेश की सभी चारों सेंटर पर 358 सीटें अभ्यर्थियों ने लॉक की थी। केजीएमयू की बढ़ी हुई सीटों को सेकंड या थर्ड काउंसलिंग में शामिल करने की संभावना है।
केजीएमयू में एमबीबीएस की 65 सीटों पर प्रवेश की स्थिति साफ न होने से काउंसलिंग सुबह से ही बाधित रही।
केजीएमयू प्रशासन के हाईकोर्ट के स्टे देने के दावे को न मानते हुए चिकित्सा शिक्षा महानिदेशालय के अधिकारियों ने बढ़ी हुई सीटों को काउंसलिंग में शामिल नहीं किया।
संजय गांधी पीजीआई के टेलीमेडिसिन सेंटर पर काउंसलिंग के लिए पहुंचे अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों ने हंगामा शुरू कर दिया।
डीजीएमई डॉ. केके गुप्ता का कहना था कि बढ़ी हुई सीटों पर संशय बना है यदि सीटें घटी तो अभ्यर्थियों का भविष्य बर्बाद हो जाएगा।
दूसरी तरफ छात्रों और अभिभावकों का कहना था कि कोर्ट सीटें कम करने के मामले में स्टे दे चुका है। ऐसे में काउंसलिंग में 65 सीटें शामिल न करना मेधावी छात्र-छात्राओं के साथ अन्याय होगा।
इसी उहापोह के चलते वहां दिन भर हंगामा चलता रहा। दोपहर बाद विशेष सचिव चिकित्सा शिक्षा ने जब स्थिति साफ की तब जाकर शाम को चार बजे से काउंसलिंग शुरू हो पाई।