केजीएमयू में एमबीबीएस की 65 सीटों पर दाखिले की प्रक्रिया मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के हस्तक्षेप के बाद रोक दी गई थी।
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मामला कोर्ट में पहुंचा और सर्वोच्च न्यायालय ने 65 सीटों पर दाखिले की हरी झंडी दे दी। दाखिले पर रोक मानक न पूरे होने के कारण लगी थी।
केजीएमयू प्रशासन ने इसे चुनौती दी और उसकी जीत हुई। काउंसलिंग प्रक्रिया के लिए पहले दिन से ही बढ़ी हुई सीटों पर दाखिले को लेकर काफी समय से बवाल चल रहा था।
कुछ मेडिकल स्टूडेंट का आरोप था कि इस काउंसलिंग में सेटिंग खूब चली। केजीएमयू से बीडीएस फर्स्ट ईयर स्टूडेंट का आरोप था कि काउंसलिंग को इतना कठिन बना दिया गया है कि उसे पूरा कर पाना सबके बस की बात नहीं है।
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इसी का सहारा लेकर अधिकारी उन स्टूडेंट को बढ़ी सीटों पर दाखिला दे रहे हैं जिनके लिए सिफारिश लगी है। केजीएमयू में सीट बढ़ने के बाद से सिफारिश का दौर जारी था और अब वही हो रहा है। कुछ लोग बैक डोर से काउंसलिंग में पहुंच चुके हैं।
ऐसे बढ़ा हंगामा, गेट पर ताला
काउंसलिंग के लिए पहुंचे दो हजार से अधिक स्टूडेंट मेरिट के आधार पर काउंसलिंग की मांग करने लगे। भीड़ देख अधिकारियों ने गेट पर ताला डाल दिया।
इससे छात्र-छात्रा भड़क गए और धांधली का आरोप लगाने लगे। कई छात्र नियम और शर्तों को लेकर नाराज दिखे। पूरे दिन गहमा-गहमी का माहौल रहा और करीब चार घंटे देर से काउंसलिंग शुरू हुई।
संजय गांधी पीजीआई के टेलीमेडिसिन ऑडिटोरियम में मंगलवार को आयोजित काउंसलिंग में छात्र-छात्राओं और उनके परिवारीजनों की भीड़ से अव्यवस्था हो गई।
इस दौरान डीजीएमई और विशेष सचिव चिकित्सा एवं शिक्षा को आते देख जब बच्चे उनकी तरफ भागे तो दोनों अधिकारी भीतर घुस गए। इसके बाद ऑडिटोरियम के जाने वाले सभी रास्ते बंद कर दिए गए।
टेलीमेडिसिन ऑडिटोरियम के गेट से लेकर पूरा पीजीआई कैंपस और ओपीडी की तरफ जाने वाला कॉरिडोर खचाखच भरा था। इस बीच अधिकारियों की बैठकों का दौर जारी रहा। निदेशक चिकित्सा शिक्षा के आदेश पर सुबह दस बजे शुरू होने वाली काउंसलिंग चार घंटे बाद करीब दो बजे से शुरू हुई।
एमबीबीएस कर जॉर्जियन बनेंगे 65 नए स्टूडेंट
केजीएमयू में एमबीबीएस की बढ़ी हुई 65 सीटों के साथ अन्य कॉलेजों में खाली सभी सीटें मंगलवार रात ग्यारह बजे तक चली काउंसलिंग में फुल हो गईं।
केजीएमयू के बीडीएस कोर्स से त्यागपत्र देने वाले सभी 28 छात्रों को एमबीबीएस में दाखिला मिल गया। वहीं, देर रात तक चली काउंसलिंग में बीडीएस समेत अन्य कॉलेजों की खाली सीटें फुल हो गईं।
वहीं, कागज और दूसरे कारण से कांउसलिंग में भाग न ले पाने वाले छात्र-छात्राए मायूस हुए। कई छात्र-छात्राएं देर रात तक चली काउंसलिंग में शामिल न होने से मायूस दिखे और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े।
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस की पढ़ाई करने का सुनहरा मौका उन 65 छात्रों को मिला जिन्होंने अपना सब कुछ दांव पर लगाकर काउंसलिंग में हिस्सा लिया।
कुछ बीएएमएस छात्रों को मिली एमबीबीएस सीट
कुछ खुश किस्मत ऐसे भी रहे, जिन्होंने दाखिला नहीं लिया था और सीट बढ़ने के बाद उनको जॉर्जियन बनने का मौका मिला। कुछ सीटों पर बीएएमएस छात्रों को एमबीबीएस सीट पर दाखिला मिल गया।
मालूम हो कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार इस स्पेशल काउंसलिंग शेड्यूल में उन्हीं स्टूडेंट को सीट आवंटित होनी थी, जिन्होंने एमबीबीएस छोड़ दूसरे कोर्स में दाखिला लिया था या उनका कहीं एडमिशन नहीं हुआ था।
पीजीआई काउंसलिंग स्थल से मिली जानकारी के मुताबिक, केजीएमयू की बीडीएस सीट से त्याग पत्र देने वाले सभी स्टूडेंट्स को एमबीबीएस सीट मिल गई।
काउंसलिंग से जुड़े जीसी पुरोहित ने बताया कि केजीएमयू में एमबीबीएस की 65 सीटों के साथ पांच अन्य कॉलेजों में खाली एमबीबीएस की एक सीट फुल हो गईं।
बीडीएस की खाली 29 सीटें भी पूरी तरह फुल हो गई। काउंसलिंग में शामिल होने के लिए कुल 287 स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेेशन कराया था।
इसी तरह बैचलर्स ऑफ आयुर्वेद एंड मेडिसिन सर्जरी में दाखिला ले चुके कुछ छात्रों को काउंसलिंग में शामिल होने के बाद एमबीबीएस करने का मौका मिला है।
कुछ ऐसे भी छात्र रहे जिन्होंने ठीक ठाक रैंक के बाद भी दाखिला नहीं लिया था और काउंसलिंग में शामिल होने के बाद केजीएमयू में एमबीबीएस सीट मिल गई।
कहां हुई एमबीबीएस की कितनी सीट अलॉट केजीएमयू में एमबीबीएस की 65 सीटें अलॉट हुईं। अंबेडकरनगर में 01, सैफई में 01, कन्नौज में 01, जालौन में 01 और इलाहाबाद में 01 सीट अलॉट हुई।