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चौटाला की जमानत रद्द कराने हाईकोर्ट पहुंची सीबीआई

Sun, 05 Oct 2014 08:51 AM IST
एजेंसी/नई दिल्ली
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सीबीआई ने शनिवार को दिल्ली हाईकोर्ट से हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और इंडियन नेशनल लोकदल (आईएनएलडी) प्रमुख ओम प्रकाश चौटाला की जमानत तत्काल रद्द करने की अपील की। चौटाला पर स्वास्थ्य के आधार पर मिली जमानत शर्तों के उल्लंघन का आरोप है।
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सीबीआई सूत्रों का कहना है कि एजेंसी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है क्योंकि स्वास्थ्य कारणों के चलते जमानत पर रिहा चौटाला शर्तों का उल्लंघन कर चुनावी रैलियों को संबोधित कर रहे हैं।

79 वर्षीय चौटाला को शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में दोषी ठहराया गया था और उन्हें 10 साल कैद की सजा सुनाई गई थी। हालांकि इस साल मई में स्वास्थ्य कारणों के चलते उन्हें जमानत दे दी गई थी।
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बार बार जमानत शर्तों के उल्लंघन के चलते  सीबीआई द्वारा मामला कोर्ट के ध्यान में जाए जाने के बाद चौटाला ने 26 सितंबर को स्वेच्छा से ऐलान किया था कि वह 17 अक्तूबर को सरेंडर कर देंगे।

चार बार हरियाणा के मुख्यमंत्री रहे चौटाला ने स्वेच्छा से सरेंडर की बात कही क्योंकि कोर्ट ने एम्स के डॉक्टरों के एक मेडिकल बोर्ड गठित करने का आदेश दिया जो चौटाला के अस्पताल में रखे जाने की जरूरत पर विचार करेगी।
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चौटाला को मिली थी दस साल की कैद

सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि चौटाला ने 25 सितंबर को जींद में रैली को संबोधित किया। इसके बाद से वह लगातार प्रदेश में चुनावी रैलियां कर रहे हैं। हरियाणा विधानसभा के चुनाव 15 अक्तूबर को होने हैं।

अपनी याचिका में सीबीआई ने तत्काल प्रभाव से चौटाला की जमानत रद्द करने का अनुरोध किया और उन्हें जेल भेजने की अपील की है।

दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को चौटाला की जमानत रद्द करने के संदर्भ में दायर याचिका पर सीबीआई को नोटिस जारी किया था। इसमें कहा गया था कि चौटाला स्वास्थ्य के आधार पर मिली 17 दिन की जमानत अवधि का दुरुपयोग चुनावी रैलियां करने में कर सकते हैं।

सीबीआई की विशेष अदालत ने 22 जनवरी 2013 को चौटाला, उनके बेटे अजय और 8 अन्य लोगों को हरियाणा में वर्ष 2000 में 2306 जूनियर शिक्षकों की अवैध भर्ती में दोषी ठहराते हुए 10 साल कैद की सजा सुनाई थी। मामले में दोषी 44 दोषियों को 4 साल और एक व्यक्ति को पांच साल जेल की सजा सुनाई गई थी।
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