उत्तराखंड लोक सेवा आयोग के पीसीएस पूरक परीक्षा परिणाम से युवाओं में असमंजस है। युवाओं का कहना है कि आयोग ने केवल सामान्य और अनुसूचित जाति के अभ्यर्थियों को पूरक परिणाम में जगह दी है, जबकि आयोग का कहना है कि आंदोलनकारियों के 10 प्रतिशत चयन के हिसाब से ही यह परिणाम जारी किया गया है।
उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने बुधवार को पीसीएस प्री परीक्षा का पूरक परिणाम जारी किया था। इसमें सामान्य और अनुसूचित जाति के अभ्यर्थियों के लिए ही कटऑफ जारी हुई है। बाकी किसी भी श्रेणी के अभ्यर्थियों को पूरक परिणाम में शामिल नहीं किया गया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि आयोग ने गलत तरीके से परिणाम जारी किया है।
इसमें न तो महिला अभ्यर्थियों का प्रतिनिधित्व है और न किसी अन्य श्रेणी का। कुछ अभ्यर्थी इसके खिलाफ हाईकोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं।
मामले में जब आयोग के प्रभारी सचिव पीसी डंडरियाल से बात की गई तो उन्होंने बताया कि 10 प्रतिशत राज्य आंदोलनकारी जिन श्रेणियों में क्वालीफाई हुए थे, उसी के मुकाबले यह परिणाम जारी किया गया है। ताकि जब हाईकोर्ट इस मामले पर अंतिम फैसला दे तो उसी हिसाब से युवाओं को एडजस्ट करने में परेशानी न आए।