कॉलेज शिक्षकों ने विश्वविद्यालय पर सेकंड सेमेस्टर की आंसरशीट्स की गोपनीयता भंग करने का आरोप लगाया है। आरोप लगाया कि विवि प्रबंधन ने कॉलेजों से आंसरशीट आवंटन को गोपनीय नहीं रखा।
संबंधित कॉलेजों को इस बात की जानकारी है कि उनके कॉलेजों की उत्तर पुस्तिकाएं किस कॉलेज को भेजी गई हैं। उनके यहां किन कॉलेजों से आई हैं। आंसरशीट से स्टूडेंट्स के ओरिजिनल रोलनंबर हटाकर एफआर नंबर (फिक्टिशियस नंबर) भी नहीं लगाए गए हैं।
आरोप लगाया है कि कॉलेजों की आंसरशीट्स का आवंटन नजदीक के कॉलेजों में किया गया। उन्होंनेे विवि प्रबंधन को चेतावनी दी है कि एक सितंबर को उनके साथ हुई बैठक के निर्णयों को लागू नहीं किया गया तो वे पेपरों का मूल्यांकन नहीं करेंगे।
फैसले लिए, मगर लागू नहीं
नहीं मिले डाटा ऑपरेर्ट्स, कॉलेज के वरिष्ठ शिक्षक की उपस्थिति में नहीं हो रही डाटा एंट्री, पुराने पैट्रन पर नहीं लगाई शिक्षकों की ड्यूटियां, नजदीकी कॉलेजों में ही बांटे आंसरशीट्स के बंडल, बैठक के मिनट्स साइट पर नहीं डाले गए।