हमारे अपने मुद्दे हैं। हमारी अपनी मांगें हैं। हम अभी वोटर नहीं हैं तो क्या हुआ भविष्य तो हम ही तय करेंगे। बुधवार को लोहिया पार्क में 1,200 बच्चों ने एकजुट होकर दो किलोमीटर लंबा अपना बाल अखबार बनाया।
बच्चों ने बेसिक शिक्षामंत्री के सामने अपने मुद्दे रखकर उनसे जबाव भी मांगा। विश्व बाल अधिकार दिवस पर लोहिया पार्क में एनजीओ विज्ञान फाउंडेशन और सहयोगी संस्थाओं ने बच्चों को अपने मुद्दे उठाने का मौका दिया।
अभिव्यक्ति- 2013 नामक इस आयोजन में बाल अखबार बनाने के लिए बच्चों ने लोहिया पार्क को चुना। हरियाली के बीच बच्चों ने करीब 2000 मीटर लंबे सफेद रंग के कागज पर खुद से जुड़े मुद्दों को पेंटिंग या कहानी की शक्ल में उकेरा।
इसमें बच्चों ने बाल हिंसा, अशिक्षा, पोषण, पर्यावरण संरक्षण जैसे मुद्दे खबरों के लिए चुने। अखबार बनाने के लिए छह से 14 वर्ष के स्कूल जाने वाले और खासतौर पर स्लम से जुड़े इलाकों के बच्चों ने कवायद की।
इसकी मुख्य थीम हमारा शहर कैसा हो विषय रहा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री योगेश प्रताप सिंह रहे। उन्होंने बताया कि बच्चों के लिए शिक्षा सबसे अहम है।
बच्चों ने जिस काम को अंजाम दिया है, वह काफी महत्वपूर्ण है। स्कूलों में शिक्षकों की संख्या पूरी करने की कवायद की गई है। वह केवल पढ़ाएं, इसके लिए कोशिश की जा रही है।
अगले साल से मिड डे मील का काम भी शिक्षकों की जगह अक्षयपात्र नामक संस्था करेगी। इसके लिए लखनऊ सहित पांच नए जिलों का अनुबंध कर लिया गया है।