अंग्रेजी पर लंबे समय तक चले विवाद के बाद रविवार को सिविल सेवा प्री परीक्षा आयोजित हुई। देहरादून में दो पालियों में 34 केंद्रों पर हुई परीक्षा में 7105 अभ्यर्थी शामिल हुए।
खास बात यह रही कि इस बार पेपर में कई बड़े बदलाव किए गए थे। सिविल सेवा परीक्षा विशेषज्ञ सुशील कुमार सिंह ने बताया कि पिछले साल के मुकाबले इस बार प्रथम प्रश्न पत्र में इकोलॉजी, एनवायरमेंट और भूगोल के करीब आधे सवाल पूछे गए।
पिछली बार इकोनोमिक्स के सवालों की भरमार थी लेकिन इस बार इनकी संख्या घटी। खास बात यह भी रही कि इस बार की प्री परीक्षा में संस्कृति से जुडे़ सवालों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई। पहले इंडियन मूवमेंट से जुड़े सवाल पूछे जाते थे जो इस बार नजर नहीं आए। द्वितीय पेपर में एक और बदलाव डिसीजन मेकिंग और कम्यूनिकेशन के सवालों में नजर आया।
इस बार एक भी सवाल नहीं पूछा गया। इसकी जगह रीजनिंग मैथमेटिक्स के सवालों ने ले ली। इसका फायदा साइंस और इंजीनियरिंग के छात्रों को बीए के मुकाबले ज्यादा मिलेगा। रुड़की से परीक्षा देने आए अजय ने बताया कि पेपर में कठिनता का स्तर गत वर्षों की तुलना में कम था।a