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सिविल सर्विस परीक्षाः पेपर में दिखे कई बड़े बदलाव

Mon, 25 Aug 2014 03:09 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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अंग्रेजी पर लंबे समय तक चले विवाद के बाद रविवार को सिविल सेवा प्री परीक्षा आयोजित हुई। देहरादून में दो पालियों में 34 केंद्रों पर हुई परीक्षा में 7105 अभ्यर्थी शामिल हुए।
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खास बात यह रही कि इस बार पेपर में कई बड़े बदलाव किए गए थे। सिविल सेवा परीक्षा विशेषज्ञ सुशील कुमार सिंह ने बताया कि पिछले साल के मुकाबले इस बार प्रथम प्रश्न पत्र में इकोलॉजी, एनवायरमेंट और भूगोल के करीब आधे सवाल पूछे गए।

पिछली बार इकोनोमिक्स के सवालों की भरमार थी लेकिन इस बार इनकी संख्या घटी। खास बात यह भी रही कि इस बार की प्री परीक्षा में संस्कृति से जुडे़ सवालों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई। पहले इंडियन मूवमेंट से जुड़े सवाल पूछे जाते थे जो इस बार नजर नहीं आए। द्वितीय पेपर में एक और बदलाव डिसीजन मेकिंग और कम्यूनिकेशन के सवालों में नजर आया।
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इस बार एक भी सवाल नहीं पूछा गया। इसकी जगह रीजनिंग मैथमेटिक्स के सवालों ने ले ली। इसका फायदा साइंस और इंजीनियरिंग के छात्रों को बीए के मुकाबले ज्यादा मिलेगा। रुड़की से परीक्षा देने आए अजय ने बताया कि पेपर में कठिनता का स्तर गत वर्षों की तुलना में कम था।a
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सेकेंड पेपर के सवालों ने काफी उलझाया

विकासनगर से आए सुनील ने बताया कि परीक्षा में द्वितीय प्रश्न पत्र के सवालों ने काफी उलझाया। मैथ्स के छात्र रहे प्रियांक ने बताया कि इस बार गणित के सवाल भी गत वर्षों की तुलना में काफी कठिन थे।

मेरिट में उछाल संभव
यूपीएससी प्री की मेरिट इस साल नई ऊंचाई छू सकती है। वर्ष 2012 में सामान्य की मेरिट 400 में से 209 अंकों पर थी जो कि वर्ष 2013 में बढ़कर 241 पर पहुंच गई थी। जानकारों का अनुमान है कि इस साल मेरिट 270 तक पहुंच सकती है।

दूसरी पाली में नहीं पहुंचे 96 अभ्यर्थी
दून में पहली पाली में 7201 अभ्यर्थी शामिल हुए, लेकिन दूसरी पाली में संख्या घटकर 7105 हो गई। परीक्षा में अनुपस्थित रहने वाले छात्रों की संख्या भी काफी रही। प्रथम पाली में 7464 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे तो द्वितीय पाली में 7560 नदारद रहे।

घट गए अंग्रेजी के सवाल
पेपर 2 में वर्ष 2011, 2012 और 2013 में अंग्रेजी के नौ सवाल पूछे गए थे लेकिन इस बार विवादों के चलते यूपीएससी ने छह सवाल ही दिए। हालांकि आयोग ने पहले ही सूचित कर दिया था कि अंग्रेजी के सवालों को हल न करें, क्योंकि मूल्यांकन में यह शामिल नहीं किए जाएंगे।
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