शिक्षकों की एजूकेशन क्वालिफिकेशन में जल्द बड़ा बदलाव हो सकता है। जी हां, बीएड, डीएलएड और एमएड के बीच अब नया कोर्स पांच वर्षीय इंटिग्रेटेड बैचलर ऑफ एलिमेंट्री एजुकेशन (बीएलएड) भी आ सकता है।
इसके लिए नेशनल काउंसिल फॉर टीचर्स एजूकेशन (एनसीटीई) नया रेगुलेशन तैयार कर रहा है। जयपुर में 28 जुलाई को हुई उत्तरी रीजन की बैठक में ऐसे कई प्रस्तावों पर चर्चा हुई।
सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार यह रेगुलेशन नवंबर में जारी किया जाएगा।
जरूरी पाठ्यक्रमों में बड़े बदलाव
एनसीटीई की ओर से वर्ष 2009 में रेगुलेशन बनाया गया था। इस रेगुलेशन में संशोधन की प्रक्रिया चल रही है।
इसमें शिक्षक बनने के लिए जरूरी पाठ्यक्रमों में बड़े परिवर्तन सामने आएंगे।
जयपुर में आयोजित हुई बैठक में उत्तराखंड से गढ़वाल विवि के डीन एजूकेशन डॉ. आरके श्रीवास्तव और एसोसिएशन आफ सेल्फ फाइनेंस इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष सुनील अग्रवाल ने भी शिरकत की।
बीएड और एमएड की अवधि बढ़ाने पर विचार
मीटिंग में नया पांच वर्षीय इंटिग्रेटेड बीएलएड कोर्स शुरू करने के अलावा बीएड और एमएड की अवधि बढ़ाकर दो वर्ष करने पर भी विचार किया गया।
दो वर्ष की अवधि होने के साथ ही छात्रों की इंटर्नशिप की अवधि 40 दिन से बढ़कर 16 सप्ताह करने पर विचार किया जा रहा है। नए कॉलेज खोलने के मामले में एक बार फिर राज्य सरकारों के हाथ में चाबी आ सकती है।
जबकि रजिस्ट्री के बीना लीज की जमीन पर बीएड कॉलेज खोलने का प्रावधान भी दोबारा किया जा सकता है। मीटिंग में उत्तराखंड, दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल, पंजाब, राजस्थान और यूपी के अकादमिक विशेषज्ञों ने शिरकत की।
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