यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) की सिफारिशों के आधार पर अब शिक्षकों को कंसल्टेंट की भूमिका भी निभानी होगी।
क्लासेज के अलावा छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए शिक्षकों को स्टूडेंट कंसल्टेशन के रूप में हर हफ्ते पांच घंटे देने होंगे। चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी (सीसीएसयू) ने सभी कॉलेज व संबंधित विभागाध्यक्षों को इसके संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं।
सीसीएसयू ने यूजीसी के रेगुलेशन आधार पर शिक्षकों के लिए एक हफ्ते में 40 घंटे की ड्यूटी जरूरी कर दी है। इसे दो हिस्सों में बांटा गया है।
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पहले 20 घंटों में असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसर के लिए 16/14/14 घंटे की थ्योरी और प्रैक्टिकल के लिए क्लासरूम टीचिंग करनी होगी। इसी क्रम में पदानुसार शिक्षकों को 4/6/6 घंटे क्लासरूम टीचिंग की तैयारी पर खर्च करने होंगे।
दूसरे 20 घंटों में यूजी और पीजी के छात्रों की कंसेल्टेंसी में 5 घंटे, लाइब्रेरी-एकेडमिक-रिसर्च वर्क में 5 घंटे, इंस्टीट्यूशनल वर्क में 5 पांच घंटे और सुपरवाइजर के रूप में एमफिल-पीएचडी रिसर्च वर्क के लिए हफ्ते में 5 घंटे छात्रों को देने होंगे।
यूनिवर्सिटी ने सभी शिक्षक और विभागाध्यक्षों से इस प्रावधान के आधार पर संबंधित संस्थान में उपस्थित रहने और निर्धारित शेड्यूल के आधार पर अपनी जिम्मेदारी निभाने के निर्देश दिए हैं।
सीसीएसयू वीसी के आदेश पर रजिस्ट्रार ने सभी संस्थानों को इस संबंध में जानकारी उपलब्ध करा दी है। उम्मीद है कि इस शेड्यूल के बाद छात्रों को कॉलेज एजुकेशन में टीचर्स की ओर से बेहतर इनपुट मिल सकेगा।