सीबीएसई ने 9वीं से 12वीं तक के अंग्रेजी के सिलेबस को सुधारने के लिए एक अनोखा कदम उठाया है। सीबीएसई ने ऑनलाइन सर्वे शुरू किया है। इसके तहत ऑनलाइन क्वेश्चनॉयर पर मिले फीडबैक से अंग्रेजी के सिलेबस में बदलाव किए जाएंगे।
बोर्ड का मानना है कि एजुकेशन सिस्टम में खासे बदलाव हो रहे हैं। इनसे नई पीढ़ी के स्टूडेंट्स को रूबरू कराना बेहद जरूरी है। इसके लिए शिक्षा से जुड़े हर वर्ग की रायशुमारी की जरूरत है।
लिहाजा बोर्ड ने अपनी वेबसाइट पर सर्वे शुरू किया है। यहीं नहीं बोर्ड ने बाकायदा क्वैश्चनॉयर भी तैयार किया है। इस पर मिले फीडबैक के आधार पर सिलेबस में बदलाव किए जाएंगे।
दरअसल बदलते जमाने के साथ अंग्रेजी की जरूरत बढ़ी है। किसी भी तरह की नौकरी के लिए अंग्रेजी की अच्छी जानकारी होना आवश्यक हो गया है। इसी लिए बोर्ड अगले साल के अंग्रेजी का सिलेबल वेब साइट पर मिले फीडबैक के आधार पर करेगा।
ये हैं सर्वे में पूछे गए सवाल
क्वेश्चन पेपर में कितने रीडिंग पैसेज होने चाहिए?
किस तरह के पैसेज को पढ़ने में प्राथमिकता देंगे?
क्वेश्चन्स कितने वर्ड के होने चाहिए?
शॉर्ट और लांग क्वेश्चन्स में वर्ड लिमिट क्या हो?
एसेसमेंट सेक्शन में क्रिएटिव राइटिंग और पोस्टर डिजाइन होना चाहिए?
क्या ग्रामर के मूल्यांकन के लिए अलग से कोई सेक्शन होना चाहिए?
9वीं से 12वीं तक जो नॉवेल पढ़ाए जा रहे हैं उनमें से कौन सा पंसद है।