सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) ने संबद्ध स्कूलों को वेबसाइट शुरू करने के लिए एक और मौका दिया है।
बोर्ड के ताजा निर्देशों में स्कूलों को 15 सितंबर तक वेबसाइट डवलप कर उसे ऑनलाइन करने को कहा गया है। इस वेबसाइट पर स्कूल प्रबंधन के साथ अन्य सूचनाएं भी अपलोड करनी होंगी।
बोर्ड ने साफ किया है कि निर्धारित समय-सीमा में वेबसाइट विकसित न कर पाने वाले स्कूलों के खिलाफ अब कार्रवाई होगी।
कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से सीबीएसई लगातार स्कूलों पर वेबसाइट विकसित कर सूचनाएं साझा करने का दबाव बना रहा है।
बोर्ड ने इसे अनिवार्य बनाते हुए मान्यता के नियमों में जरूरी कर दिया है। इसके बाद भी स्कूल वेबसाइट बनाकर सूचनाएं सार्वजनिक करने से बच रहे हैं।
आलम ये है कि बोर्ड की ओर से तीन रिमाइंडर के बावजूद स्कूल वेबसाइट बनाने को तैयार नहीं है। वहीं, जिन स्कूलों ने वेबसाइट विकसित कर ली है, वे उस पर आवश्यक सूचनाएं अपलोड नहीं कर रहे।
अब बोर्ड ने स्कूलों को एक और अवसर देने का फैसला किया है। बोर्ड के परीक्षा नियंत्रक एमसी शर्मा की ओर से जारी निर्देशों के तहत सभी संबद्ध स्कूलों को 15 सितंबर तक वेबसाइट विकसित कर उसे ऑनलाइन करने को कहा है।
राजधानी का है बुरा हाल
स्कूलों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने की ये कवायद राजधानी में स्कूल प्रबंधनों की जिद के आगे नाकाफी साबित हो रही है।
केवल राजधानी में 40 प्रतिशत से ज्यादा स्कूल आज भी ऑफलाइन है। वहीं जिनके पास वेबसाइट हैं, वे सूचनाएं सार्वजनिक करने से कतरा रहे हैं।
जानकारों की मानें तो सूचनाएं सार्वजनिक करने से स्कूल प्रबंधन के मनमाने रवैये पर काबू किया जा सकता है इसलिए कोई भी प्रबंधन इसके समर्थन में नहीं है। राजधानी के 101 सीबीएसई स्कूलों में अब तक केवल 64 ही ऑनलाइन हो पाए हैं।