स्कूलों में ग्रेडिंग को सही राह देने के मकसद से सीबीएसई ने सख्त रुख अपना लिया है। स्कूल के सालाना समारोह वार्षिक कार्यक्रम को अब स्कूल छात्रों की को-स्कोलेस्टिक गतिविधियों में शामिल नहीं कर सकेंगे। इसके अलावा इस बार 11वीं में पंजीकरण नियम को भी सख्त कर दिया गया है।
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सीबीएसई की ओर से हाल ही में जारी सर्कुलर के मुताबिक 9वीं में ग्रेडिंग के लिए हर स्कूल को सत्र की शुरुआत में ही को-स्कोलेस्टिक गतिविधियों की जानकारी बोर्ड के पास भेजनी होगी। कांटीन्यूअस एंड कंप्रिहेन्सिव इवेल्यूएशन(सीसीई) सब्जेक्ट 3 ए में चार और 3 बी में आठ विषय दिए गए हैं। दोनों में से दो-दो विषयों का चयन छात्र को करना होगा।
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इसके तहत होने वाली गतिविधियों के ऑडियो और वीडियो प्रूफ हर स्कूल को अपने पास रखने होंगे। ग्रेडिंग में सुधार के तहत बोर्ड के औचक निरीक्षण में इन प्रूफ को देखा जाएगा। इसके साथ ही 11वीं में पंजीकरण के नियम को भी सख्त किया गया है। अब छात्र जिस विषय में 11वीं में पंजीकृत हो जाएगा, वही विषय उसे दो साल तक पढ़ने होंगे।
अभी तक 11वीं में स्कूल स्तर पर ही विषय परिवर्तित कर दिए जाते थे। यही नहीं, अब नवीं या 11वीं में बोर्ड में पंजीकरण के लिए बच्चे के स्कूल में ज्वाइनिंग की तिथि देनी भी अनिवार्य होगी।
3 ए के तहत विषय
लिटरेरी एंड क्रिएटिव स्किल्स
साइंटिफिक स्किल्स
ऑर्गेनाइजेशनल एंड लीडरशिप स्किल्स
आईसीटी स्किल्स
3 बी के तहत विषय
स्पोर्ट्स
एनसीसी/एनएसएस
स्काउट एंड गाइड
स्विमिंग
जिम्नास्टिक
योग
फर्स्ट एड
गार्डनिंग/श्रमदान
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हाल ही में सीबीएसई के यह सर्कुलर आए हैं। इसके तहत स्कोलेस्टिक की भांति को-स्कोलेस्टिक गतिविधियों में उपलब्ध विषयों की जानकारी पहले ही बोर्ड को भेजी जा रही है।
- दिनेश बड़थ्वाल, उप प्राचार्य, दून इंटरनेशनल स्कूल
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