सीबीएसई स्कूलों के छात्र बोर्ड रिजल्ट के बाद अपने अंकों का वेरिफिकेशन करा सकेंगे। हाल ही में हुई बोर्ड की करिकुलम कमेटी की बैठक में पुनर्मूल्यांकन के नियमों में कई बदलाव किए गए हैं। वर्ष 2015 में होने वाली बोर्ड परीक्षा में 12वीं के छात्रों को इसका लाभ मिलेगा। सीसीई पैटर्न में भी कुछ परिवर्तन किए गए हैं।
बोर्ड के देहरादून रीजनल आफिस से मिली जानकारी के मुताबिक छात्र के पास तीन विकल्प होंगे। अगर वह अपने अंकों से संतुष्ट नहीं है तो इनका वेरिफिकेशन करा सकता है। इसके बाद भी संतुष्ट नहीं है तो अपनी उत्तर पुस्तिका की फोटोकॉपी प्राप्त कर सकता है। फिर भी अगर लगता है तो न्याय नहीं मिला तो वह दस के बजाए 15 प्रश्नों की रिचेकिंग करा सकता है।
रिचेकिंग की सुविधा पहले थी, लेकिन सिर्फ दस सवालों के लिए। बोर्ड के मुताबिक अंक घटने या बढ़ने पर नई मार्कशीट उपलब्ध कराई जाएगी। एक सवाल की रिचेकिंग का शुल्क 100 रुपये होगा यानी 15 सवालों के लिए 1500 रुपये।
सीसीई में भी फेरबदल
बोर्ड ने कांटीन्यूअस एंड कांप्रिहेंसिव असेसमेंट(सीसीई) में भी शिक्षक व अभिभावकों से मिले फीडबैक के आधार पर कई परिवर्तन किए हैं। इस बार सभी एसाइनमेंट और स्कूल के प्रोजेक्ट वर्क केवल स्कूलों में ही कराए जाएंगे। फीडबैक के आधार पर बोर्ड अब फार्मेटिव असेसमेंट(एफए) को होमवर्क का हिस्सा बनाने जा रहा है।
अगले साल से प्रॉब्लम सॉल्विंग असेसमेंट का अधिभार दस प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत हो जाएगा। इसके अलावा अब ग्रेडिंग वाले छात्रों को विभिन्न गतिविधियों में से किसी एक में प्रतिभाग करना होगा।
12वीं के छात्रों के लिए यह बड़ी राहत है। इससे छात्रों को और बेहतर तरीके से अपने अंक जानने और उनमें सुधार करने का मौका मिल सकेगा। -बीके सिंह, प्राचार्य, दिल्ली पब्लिक स्कूल