दिल्ली विवि छात्र संघ चुनावों के लिए डीयू का बुद्धिस्ट स्टडीज विभाग एक बार फिर से चर्चा में आ गया है। डूसू चुनाव में किस्मत आजमा रहे कुल 28 उम्मीदवारों में से छह एमए बुद्धिस्ट स्टडीज के ही छात्र हैं।
दरअसल बीते कुछ सालों में देखने में आ रहा है कि डूसू में जाने के लिए प्रत्याशी इस विभाग में दाखिला लेते हैं। वर्ष 2010 से 2013 के बीच हुए डूसू चुनाव में वर्ष 2012 के चुनाव को छोड़ दें तो सभी चुनावों में इसी विभाग के छात्रों ने जीत पाई। हालांकि जीत पाने के बाद किसी ने भी इस विभाग से पढ़ाई को पूरा नहीं किया।
वर्ष 2010 में अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद का चुनाव जीते जितेंद्र चौधरी व प्रिया डबास इसी विभाग से थे। वहीं इसी विभाग के छात्र दीपक बंसल ने वर्ष 2011 में संयुक्त सचिव पद का चुनाव जीता था।
वहीं बीते वर्ष छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद पर जीते अमन अवाना और संयुक्त सचिव पद पर जीते राजू रावत भी एमए बुद्धिस्ट स्टडीज के ही छात्र हैं। बताया जा रहा है कि प्रत्याशी दाखिला तो लेते हैं लेकिन पढ़ाई पूरी नहीं करते हैं। प्रवेश परीक्षा पास करके दाखिला मिलता है लिहाजा विभाग दाखिला देने से इनकार नहीं करता है।
यहां बता दें कि इस बार डूसू चुनाव में किस्मत आजमा रहे कुल 28 उम्मीदवारों में से छह एमए बुद्धिस्ट स्टडीज के ही छात्र हैं।
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जिनमें एबीवीपी के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार मोहित नागर, उपाध्यक्ष पद के उम्मीदवार प्रवेश मलिक, एनएसयूआई के सचिव पद के उम्मीदवार अमित सिद्धू टीमा और संयुक्त सचिव पद के उम्मीदवार अभिषेक चौधरी भी इसी विभाग में पढ़ाई कर रहे हैं।
तेज हुआ प्रचार अभियान
डूसू चुनावों में छात्र संगठनों की ओर से पैनल घोषित होते ही शनिवार को प्रचार में तेजी आ गई। अब तक संगठन की ओर से ही प्रचार किया जा रहा है था। लेकिन शनिवार को प्रत्याशियों ने कॉलेजों में जाकर प्रचार किया। एबीवीपी के चारों प्रत्याशी ग्रुप बनाकर में अपने समर्थकों के साथ छात्रों के बीच कॉलेज पहुंचे।
एबीवीपी के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार मोहित नागर, सहसचिव पद के उम्मीदवार आशुतोष माथुर ने पश्चिमी दिल्ली व पूर्वी दिल्ली के कॉलेजों में छात्रों से मुलाकात की। वहीं उपाध्यक्ष पद के प्रत्याशी प्रवेश मलिक व सचिव पद की उम्मीदवार कनिका शेखावत ने पश्चिमी व उत्तरी दिल्ली के कॉलेजों का दौरा किया।
इसी तरह से एनएसयूआई के चारों प्रत्याशी गौरव तुषीर, मोना चौधरी, अमित सिद्धू टीमा, व अभिषेक चौधरी ने भी कॉलेज-कॉलेज जाकर छात्रों से मिले और उनके समस्याओं को सुनकर अपनी बात उनके सामने रखी। इसी तरह से आइसा के भी प्रचार में तेजी आ गई है। वहीं आइसा के सचिव पद के उम्मीदवार अमन गौतम ने एनएसयूआई पर अपने पूर्व उपाध्यक्ष पद के प्रत्याशी अंकित कुमार पर हमला करने का आरोप लगाया है।