बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय (बीबीएयू) में स्टूडेंट्स और फैकल्टी की सहमति से ही लाइब्रेरी के लिए किताबें खरीदी जाएंगी।
इसके अलावा खरीद की पूरी व्यवस्था में पारदर्शिता भी आएगी। इसके लिए बीबीएयू 22 और 23 अगस्त को पुस्तक मेला आयोजित करने जा रहा है। इसमें देश के 12 नामचीन पब्लिशर्स अपने स्टॉल लगाएंगे और यहां से किताबें खरीदने पर विशेष छूट भी मिलेगी।
बीबीएयू के कुलपति प्रो. आरसी सोबती कहते हैं कि लाइब्रेरी के लिए किताबें खरीदने का यह सबसे अच्छा और पारदर्शी तरीका है।
हम छात्रों और फैकल्टी को इसके माध्यम से पूरी आजादी दे रहे हैं कि वे अपने पढ़ने-पढ़ाने के लिए किताबें खुद चुनें।
किस कोर्स के लिए कौन-सी किताबें सबसे अच्छी हो सकती हैं, यह पढ़ाने वाले शिक्षक और पढ़ने वाले छात्र ही जान सकते हैं। कई बार ऐसा होता है कि लाइब्रेरी के लिए किताबें खरीदने के बाद छात्र शिकायत करते हैं कि उनके मतलब की किताबें लाइब्रेरी में नहीं हैं।
जब उनके पसंद की किताबें लाइब्रेरी में रहेंगी तो वे ज्यादा से ज्यादा लाइब्रेरी आएंगे। इससे उनके स्वाध्याय की आदत को भी बढ़ावा मिलेगा।
इस पुस्तक मेले में आने वाले पब्लिशर्स को बता दिया गया है कि वे किताबों के वर्ष 2011, 2012 व 2013 के ही एडिशन लेकर आएं।
प्रो. सोबती कहते हैं कि इस पुस्तक मेले में वही पब्लिशर्स बुलाए गए हैं जिनका बीते दो वर्षों में प्रतिवर्ष एक करोड़ रुपये का टर्न ओवर रहा हो।
मतलब यह कि स्टूडेंट को यहां पर अच्छी किताबें मिलेंगी। यही नहीं भारतीय पब्लिकेशंस की किताबों पर 20 प्रतिशत व विदेशी पब्लिकेशंस की किताबों पर 16 प्रतिशत तक छूट देने की व्यवस्था करने को कहा गया है।
एक करोड़ की किताबें खरीदने का प्रस्ताव
बीबीएयू की लाइब्रेरी में इस पुस्तक मेले के बाद एक से एक बेहतरीन किताबें होंगी। प्रो. सोबती ने बताया कि छात्रों और फैकल्टी की सहमति से करीब एक करोड़ रुपये तक की किताबें खरीदने का प्रस्ताव है।
इस सत्र से खोले गए कंटमप्रेरी और इनोवेटिव कोर्सेज के लिए भी किताबें खरीदी जाएंगी। हम बीबीएयू की लाइब्रेरी में एक से बढ़कर एक किताबें रखेंगे जिससे छात्रों को अपने कोर्स की पढ़ाई के लिए बेहतरीन सामग्री जुटाने परेशानी न हो।