दिल्ली विवि में चार साल या तीन साल के पाठ्यक्रम को लेकर बने असमंजस के बीच बैचलर विद ऑनर्स इन मैनेजमेंट स्टडी (बीएमएस) के एंट्रेस पर बने संशय की स्थिति साफ हो गई है।
डीयू में स्नातक कोर्सेज को लेकर बने हुए असमंजस के बीच बीएमएस का एंट्रेस पूर्व निर्धारित शेड्यूल के मुताबिक गुरुवार को होने जा रहा है।
विवि की ओर से यह भी साफ कर दिया गया है कि गाइडलाइंस के बदलाव होने की सूरत में भी यह परीक्षा मान्य होगी।
डीयू व यूजीसी के बीच रस्साकशी जारी
दिल्ली विवि में एफवाईयूपी को लेकर डीयू व यूजीसी के बीच रस्साकशी जारी है। जिसके कारण अन्य ऑनर्स कोर्सेज के साथ-साथ बीएमएस व बीटेक कोर्सेज को भी चार साल से तीन साल का होने की तलवार लटकी हुई है।
ऑनर्स कोर्सेज के लिए दाखिले लटकने के बाद यह कयास लग रहे थे कि बीएमएस का एंट्रेंस पर भी ब्रेक लग सकता है। क्योंकि इस कोर्स को भी वर्ष 2013-14 सेशन में चार वर्षीय डिग्री प्रोग्राम के तहत ही शुरू किया था।
बैचलर ऑफ बिजनेस स्टडीज (बीबीएस), बैचलर ऑफ फाइनेंशियल एंड इंवेस्टमेंट एनालाइसिस (बीएफआईए) और बीए ऑनर्स बिजनेस इकॉनॉमिक्स (बीबीई) कोर्सेज का मेकओवर करके बैचलर विद ऑनर्स इन मैनेजमेंट स्टडी कोर्स को एफवाईयूपी के अंतर्गत शुरू किया गया। ऐसे में इस कोर्स के भी तीन साल का होने की संभावना की जा रही है।
इस बार बदला है फॉर्मूला
दाखिले लटकने से छात्रों केसामने भी बड़ा सवाल था कि इसके लिए एंट्रेस होगा कि नहीं। लेकिन देर शाम डीयू रजिस्ट्रार अलका शर्मा की ओर से प्रेस रिलीज जारी कर सारी शंकाओं पर ब्रेक लगा दिया गया।
रजिस्ट्रार के मुताबिक बीएमएस एंट्रेस शेड्यूल के मुताबिक ही होगा। यदि सक्षम अधिकारी की ओर से दाखिला गाइडलाइंस में किसी तरह का बदलाव होगा तो यह एंट्रेस उसके लिए भी मान्य होगा। इस तरह से बीएमएस कोर्स में भी बदलाव की आंशका है।
बता दें कि बीएमएस में दाखिले के लिए तैयार फॉर्मूले में इस बार बदलाव किया गया है। इस बार इस कोर्स में दाखिले के लिए 50-50 फार्मूला तैयार हुआ है, जिसमें पचास फीसदी 12 वीं केअंक व 50 फीसदी प्रवेश परीक्षा के अंक शामिल होंगे। मालूम हो कि डीयू के 6 कॉलेजों में इस कोर्स की 840 सीटें हैं।