भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने दिल्ली विश्वविद्यालय के लॉ फैकल्टी के छात्र-छात्राओं को राजनीति की बारीकियां सिखाईं।
उन्होंने कहा कि राजनीति सिर्फ सरकार बनाने के बारे में नहीं है। असली राजनीति समाज और देश के गठन के बारे में है।
रीविजिटिंग द आइडिया ऑफ गुड गवर्नेंस पर बोलते हुए छात्रों को सुशासन के विभिन्न पहलुओं से रूबरू कराया। उन्होंने कहा कि रचनात्मक उद्देश्य के साथ ही नेता लोगों को अच्छा शासन दे सकते हैं।
लॉ फैकल्टी में छात्रों व शिक्षकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हम सुपर पॉवर बनना चाहते हैं तो इसके लिए आर्थिक विकास की जरूरत है। लेकिन केवल आर्थिक विकास के बल पर विश्व लीडर नहीं बन सकते हैं। इसके लिए आध्यात्मिक विकास की भी जरूरत है।
भारतीय राजनीति में साख का संकट नेताओं के लिए चुनौती है। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से देखें तो विश्वसनीय नेताओं की कमी नहीं है। लेकिन नेताओं को समझना होगा कि राजनीति सिर्फ सरकार बनाने तक नहीं है।
डीयू की फैकल्टी ऑफ लॉ में एलएलएम स्टूडेंट यूनियन के अध्यक्ष पंकज चौधरी ने बताया कि 29 जनवरी को डॉ. सुब्रहमण्यम स्वामी इंडियन टैक्सेशन लॉ एंड इकोनॉमिक रिफॉर्म पर व्याख्यान देंगे।