शैक्षिणक सत्र 2015-16 में हरियाणा एजूकेशन टेक्निकल सोसायटी के बोर्ड ऑफ गर्वनर ने एमटेक की प्रवेश प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। अब स्टूडेंट्स को एडमिशन के लिए सेंट्रलाइज्ड तरीके से होने वाली काउंसलिंग से छुटकारा मिलेगा और वह अपने मनपंसद कॉलेज या यूनिवर्सिटी में जाकर एडमिशन ले सकता है।
एमटेक में एडमिशन के लिए अभी तक की व्यवस्था के तहत सेंट्रलाइज्ड सिस्टम लागू था। इसमें प्रदेश की किसी भी यूनिवर्सिटी को सेंटर बना दिया जाता था। स्टूडेंट्स को वहीं पर अप्लाई करना होता था, जिसके बाद काउंसिंलिंग होती और मेरिट के आधार पर स्टूडेंट्स को कॉलेज या यूनिवर्सिटी के इंस्टीट्यूट अलॉट कर दिए जाते थे।
इसमें स्टूडेंट्स को यह नुकसान होता था कि वह चाहते हुए भी अपनी पसंद के शिक्षण संस्थान में एडमिशन नहीं ले पाता था। अब हरियाणा एजूकेशन टेक्निकल सोसायटी के बोर्ड ऑफ गर्वनर ने इस सत्र से एमटेक की एडमिशन प्रक्रिया में बदलाव कर दिया है।
यह होगी नई व्यवस्था
नई प्रक्रिया के अनुसार अब सेंट्रलाइज्ड सिस्टम खत्म कर दिया गया है। एमटेक के सभी शिक्षण संस्थानों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि वह अपने स्तर पर स्टूडेंट्स का एडमिशन ले सकते हैं। हालांकि इसके साथ-साथ यह भी निर्देश दिए गए हैं कि एडमिशन प्रक्रिया में टेस्ट फॉर इंजीनियरिंग (गेट) के स्टूडेंट्स को प्राथमिकता दी जाए। इसके बाद ही बीटेक के स्टूडेंट्स को मार्किंग के आधार पर एडमिशन दिया जाए।
एमडीयू में एमटेक के पांच कोर्स संचालित
एमडीयू के इंस्टीट्यूट इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी की बात करें तो यहां पर एमटेक में पांच कोर्स संचालित है। स्टूडेंट्स एमटेक कंप्यूटर इंजीनियरिंग, एमटेक सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, एमटेक बायोटेक्नोलॉजी, एमटेक इलेक्ट्रोनिक्स एंड कम्यूनिकेशन और एमटेक मैकेनिकल इंजीनियरिंग में एडमिशन ले सकते हैं।
इस सत्र से एमटेक की प्रवेश प्रक्रिया में बदलाव हुआ है। हरियाणा एजूकेशन टेक्निकल सोसायटी के बोर्ड ऑफ गवर्नर के निर्देशानुसार शिक्षण संस्थान अपने स्तर पर एडमिशन ले सकते हैं।
-प्रो. एसपी खटकड़, डीन फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, एमडीयू