दुनिया के अन्य देशों के मुकाबले भारत में शोध का स्तर अभी नीचे है। सरकार के पास इसे प्रमोट करने को बजट नही है। ये कहना है भारत रत्न प्रो. राव का।
वे पंजाब यूनिवर्सिटी स्थित लॉ ऑडिटोरियम में 19वीं केमिकल रिसर्च सोसाइटी ऑफ इंडिया (सीआरएसआई) की ओर से आयोजित नेशनल सिंपोजियम में विशेष लेक्चर देने के लिए पहुंचे थे। प्रो.राव प्रो.राव को सुनने के लिए पीयू ही नहीं, ट्राइसिटी के विभिन्न शोध संस्थानों से साइंटिस्ट और यूनिवर्सिटी के विद्यार्थी पहुंचे। पंजाब यूनिवर्सिटी और इंस्टीट्यूट ऑफ नैनो साइंस एंड टेक्नोलॉजी (आईएनएसटी) मोहाली के सहयोग से यह आयोजन किया जा रहा है।
प्रो. राव कहते हैं कि स्कूल, कालेज और यूनिवर्सिटी स्तर पर साइंस की प्रमोशन के लिए बड़े स्तर पर प्रयास करने की जरूरत है। लेकिन साइंस के लिए आम बजट में हिस्सा काफी कम है। भारत में कुल जीडीपी का एक फीसदी हिस्सा भी शोध के लिए रिजर्व नहीं रखा जाता। कुछ इस तरह की चिंता शुक्रवार दुनिया के नामी वैज्ञानिक और भारत रत्न से सम्मानित प्रो.सीएनआर राव ने जताई।
लेक्चर के बाद बातचीत में प्रो.राव ने कहा कि केंद्र सरकार को बजट में साइंस में शोध के लिए बजट में इजाफा करना चाहिए। उन्होंने आगामी बजट में मोदी सरकार से अधिक बजट की उम्मीद जताई है। प्रो.राव ने कहा कि देश में शोध के लिए ग्राउंड लेवल पर काम करना होगा।
उन्होंने कहा कि स्कूली स्तर पर ही बच्चों में साइंस के प्रति दिलचस्पी पैदा करनी होगी। उन्होंने भारत को सबसे अधिक प्रतिभावान युवाओं का देश बताया। इस मौके पर पीयू कुलपति प्रो.अरुण कुमार ग्रोवर,डायरेक्टर आईएनएसटी प्रो.अशोक कुमार गांगुली सहित कई हस्तियां शामिल हुई।
800 से अधिक डेलीगेट्स ने लिया हिस्सा
पीयू में सीआरएसआई नेशनल सिंपोजियम में दुनिया भर से वैज्ञानिक पहुंचे हैं। 50 विदेशी मेहमानों के साथ कुल 800 डेलीगेट्स तीन दिन के सिंपोजियम में हिस्सा ले रहे हैं।