बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यायल (बीबीएयू) में कम्युनिटी कॉलेज को चलाने की बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट (बॉम) ने अनुमति दे दी है।
अब बीबीएयू में ऐसे लोग भी एडमिशन ले पाएंगे जो बुनियादी शिक्षा से वंचित हैं और उम्रदराज भी।
एक तरह से कम्युनिटी कॉलेज में दाखिला लेने के लिए बेसिक एजुकेशन और उम्र की कोई शर्त नहीं होगी।
इसके अलावा यहां छात्रों को मुफ्त में पढ़ाया जाएगा और हर महीने एक हजार रुपये का मानदेय अलग से दिया जाएगा।
शनिवार को बॉम की महत्वपूर्ण बैठक में फैसला लिया गया कि कम्युनिटी कॉलेज में इस साल दो सर्टिफिकेट कोर्स चलाए जाएंगे।
इसमें रेशम पालन और डायटेटिक्स के तीन-तीन महीने के कोर्स शुरू किए जाएंगे। बीबीएयू यूजीसी की इस महत्वाकांक्षी योजना को लागू करवाने वाली पहली यूनिवर्सिटी बन जाएगा।
कुलपति प्रो. आरसी सोबती ने खुशी जताते हुए कहा कि हम समाज को नई दिशा दिखाने का काम करने जा रहे हैं।
इसमें ऐसे लोग जो किन्हीं कारणों से पढ़-लिख नहीं पाए हैं, उन्हें कुछ अलग हुनर सिखाने के साथ-साथ रोजगार के लायक भी बनाया जाएगा। उन्हें इंटर्नशिप दिलवाने की भी व्यवस्था की जाएगी।
प्रो. सोबती ने बताया कि इस कोर्स की पढ़ाई एक सितंबर से शुरू होगी। कोर्स की तीन महीने की पढ़ाई और दो महीने की इंटर्नशिप के दौरान भी छात्रों को एक हजार रुपये का मानदेय मिलेगा।
प्रो. सोबती के अनुसार रेशम पालन और डायटेटिक्स के जो कोर्स शुरू हो रहे हैं, उनमें दाखिले के लिए कई आवेदन आ चुके हैं। आगे हम कई और नए सर्टिफिकेट कोर्स भी शुरू करेंगे। इसे बेहतर ढंग से चलाने की पूरी कोशिश की जाएगी।
26 नए कोर्सेज को भी मिली हरी झंडी
बीबीएयू की बॉम बैठक में 26 नए कोर्स शुरू करने को भी हरी झंडी दे दी गई। इनकी निर्धारित फीस को भी पास कर दिया गया है।
यही नहीं पांच और छह अगस्त को इन कोर्सेज में एडिमशन के लिए प्रवेश परीक्षा भी आयोजित की जाएगी। इसमें 100 सवाल बहुविकल्पीय पूछे जाएंगे।
बीबीएयू प्रशासन ने इन कोर्सेज में पढ़ाने वाले शिक्षकों को केंद्रीय विश्वविद्यालय के शिक्षकों के बराबर मानदेय देने की भी व्यवस्था की है।
इसमें संसाधन भी बेहतर जुटाए जा रहे हैं और बीबीएयू इसे अच्छे ढंग से चलाने का प्रयास करेगा।