जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में पूर्व अध्यक्ष अकबर चौधरी और संयुक्त सचिव सरफराज चुनावी तैयारी से दूर रहेंगे।
पहली जनरल बॉडी मीटिंग (जीबीएम) में अन्य छात्र संगठनों के सेक्सुअल हरासमेंट मुद्दे में नाम आने के चलते नैतिकता के आधार पर आइसा ने उन्हें प्रचार से दूर रखने का फैसला लिया है।
आइसा और छात्रसंघ कार्यकारिणी सदस्यों के मुताबिक, अकबर और सरफराज पर अभी महज आरोप है, इसलिए किसी शिकायत के आधार पर उसे दोषी नहीं माना जा सकता है, फिर भी उन दोनों ने स्वयं चुनावी अभियान से दूर रहने का निर्णय लिया था।
वे बंद कमरे में आइसा की बैठकों में तो भाग लेंगे, लेकिन छात्रों के पास वोट मांगने नहीं जाएंगे। जेएनयू में यह पहला मौका होगा जब छात्रसंघ अध्यक्ष और संयुक्त सचिव के काम के आधार पर वोट मांगने नहीं जाएंगे। गौरतलब है कि मंगलवार को कैंपस में पहली जीबीएम में छात्रों ने सेक्सुअल हरासमेंट मुद्दे पर जमकर हंगामा किया था।