सेना भर्ती की लिखित परीक्षा पुलिस और खुफिया एजेंसियों के सख्त पहरे में आयोजित की गई। परीक्षा के एक दिन पहले मिले पत्र के चलते सेना के जवानों के साथ साथ पुलिस जवान भी परीक्षा स्थल पर सक्रिय दिखे।
परीक्षा के शुरू होने से पहले भर्ती निदेशक ने पत्र में लिखे नाम और पते के अभ्यर्थी की अनाउंसमेंट भी की, लेकिन इस नाम का कोई भी अभ्यर्थी परीक्षा मैदान में मौजूद नहीं था।
लिखित परीक्षा से एक दिन पहले भर्ती निदेशक कार्यालय में एक पत्र पहुंचा। पत्र पवन कुमार निवासी सुजानपुर के नाम से लिखा गया था। पत्र में जिक्र किया गया था कि एक एजेंट भर्ती में परीक्षा प्रश्न पत्र मुहैया करवाने को छह से सात लाख रुपये की मांग कर रहा है।
इसकी सूचना भर्ती निदेशक ने एंटी करप्शन ब्यूरो और मीडिया को दी। इसके चलते लिखित परीक्षा का आयोजन पुलिस और खुफिया एजेंसियों के कड़े पहरे में ली गई।
हालांकि भर्ती निदेशक रोहित कुशवाहा ने लिखित परीक्षा शुरू होने से पहले पत्र पर लिखे नाम और पत्ते के अभ्यर्थी के लिए माइक से घोषणा की, लेकिन इस नाम के किसी भी अभ्यर्थी ने भर्ती निदेशक के पास रिपोर्ट नहीं की।
राजकीय बहुतकनीकी कॉलेज बड़ू के खेल मैदान में सेना भर्ती की लिखित परीक्षा आयोजित की गई। इसमें कुल 1,135 अभ्यर्थियों ने लिखित परीक्षा दी।
इनमें हमीरपुर, बिलासपुर, ऊना, लाहौल स्पिति, हरियाणा और चंडीगढ़ के अभ्यर्थियों ने भाग लिया। जीडी के लिए 539, लिपिक के लिए 237, जेसीओ के लिए 178 और टेक्रिकल के लिए 181 अभ्यर्थियों ने परीक्षा में भाग लिया है।
एंटी करप्शन ब्यूरो को पत्र के बारे में सूचित किया गया था। परीक्षा का आयोजन सेना जवानों, पुलिस और खुफिया एजेंसियों के कड़े पहरे में किया गया है। -रोहित कुशवाहा, सेना भर्ती निदेशक हमीरपुर