अब मोबाइल एप के जरिये स्कूल में छात्रों और शिक्षकों की उपस्थिति का पता चल सकेगा। अप्रैल से इस व्यवस्था को शुरू किया जाएगा। वहीं, शिक्षा विभाग के निर्माण कार्यों की सीबीआरआई थर्ड पार्टी मूल्यांकन करेगी।
शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह ने छात्रों के स्वास्थ्य एवं स्कूल न जाने वाले बच्चों की भी पढ़ाई पर जोर दिया।
तैयार हो रहा जीआईएस डाटा
मुख्य सचिव ने सचिवालय में राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान और एमडीएम की समीक्षा बैठक में कहा कि स्कूलों का जीआईएस डाटा तैयार हो गया है, जल्द ही इसकी लॉचिंग की जाएगी। स्कूल न जाने वाले बच्चों की शिक्षा के लिए देहरादून, ऊधमसिंह नगर, हरिद्वार, चंपावत में विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
इस साल रूम टू रीड इंडिया के तहत ऊधमसिंह नगर के सौ विद्यालयों में पुस्तकालय बनाए जाएंगे। वहीं, बूट मॉडल में पांच सौ विद्यालयों में आईसीटी उपकरण दिए जाएंगे। समीक्षा बैठक में बताया गया कि मान्यता प्राप्त मदरसों में भी एमडीएम दिया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी लगीं
स्वास्थ्य विभाग की 148 टीमें बच्चों की 30 बीमारियों का स्वास्थ्य परीक्षण कर रही हैं। खुशियों की सवारी के तहत 20, 000 बच्चों को अस्पतालों के लिए रेफर किया गया है। बैठक में सचिव स्वास्थ्य भूपिंदर कौर औलख, सचिव शिक्षा डी सैंथिल पांडियन, सचिव नियोजन एमसी जोशी, प्रभारी सचिव वित्त दिलीप जावलकर, अपर सचिव शिक्षा रंजना मौजूद रहे।
भोजन माताओं को मिलेगा 11 महीने का वेतन
बैठक में कहा गया कि भोजन माताओं को अब 11 माह का मानदेय दिया जाएगा। खाद्यान्न की बोरियों को नीलाम करके रसोई में उपयोग आने वाले बर्तन खरीदें जाएंगे।
रमसा और एसएसए का एकीकरण
अपर परियोजना निदेशक एसएसए मुकुल सती ने कहा कि रमसा को एसएसए में शामिल कर दोनाें का एकीकरण किया गया है। इससे विभाग में होने वाले खर्च में कमी आएगी।