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एचपीयू में उत्तर पुस्तिकाओं की जांच में अब एक और अड़ंगा

Wed, 12 Aug 2015 01:33 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के रूसा सीबीसीएस के तहत परीक्षाओं के परिणाम तैयार करने में एक और बड़ी मुश्किल आ गई है। विवि में रूटीन ड्यूटी के बाद मूल्यांकन ड्यूटी देने वाले कर्मचारियों के मानदेय का लाखों का भुगतान रुका पड़ा है। इस कारण कर्मचारियों ने अतिरिक्त ड्यूटी देने से इंकार कर दिया है।
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आलम यह है कि जून तथा जुलाई में हुई दूसरे और चौथे सत्र की परीक्षाओं के परिणाम की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का कार्य अब तक शुरू नहीं हुआ है। विवि प्रशासन और कुलपति की मंजूरी से लिए फैसले पर सभी कॉलेजों से उत्तर पुस्तिकाएं परीक्षा केंद्रों से विवि में पहुंचा दी हैं। लेकिन इन्हें अभी तक मूल्यांकन केंद्रों को जांचने के लिए भेजने की व्यवस्था नहीं हो सकी है।

अब कर्मचारियों के अतिरिक्त काम करने से इंकार करने से मामला और पेचीदा हो चुका है। दो से तीन परीक्षाओं के मूल्यांकन का करीब बारह लाख का मानदेय कर्मचारियों का रुका पड़ा है। कर्मचारियों ने अब पांच बजे से शाम साढ़े आठ बजे तक किए जाने वाले मूल्यांकन का काम तब न करने का फैसला लिया है जब तक पिछले मानदेय का भुगतान नहीं होता।
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ऐसे में हाल ही में हुई यूजी के दूसरे और चौथे तथा पीजी कक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन का कार्य शुरू ही नहीं हो पाया है। ऐसे में परीक्षा परिणाम लटक सकता है। वहीं प्रतिकुलपति राजेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि कर्मचारियों को भुगतान जल्द कर दिया जाएगा। उन्होंने कर्मचारियों से मूल्यांकन कार्य में सहयोग करने का आग्रह किया है। जून और जुलाई में यूजी के साथ ही पूरे प्रदेशभर में पीजी की परीक्षाएं एकसाथ हुई हैं। इसमें यूजी के करीब 70 हजार और पीजी के दस हजार छात्रों ने परीक्षा दी है।

विवि की कार्यकारी परिषद सदस्य देवीराम वर्मा, गैर शिक्षक कर्मचारी संघ के अध्यक्ष विपिन कुमार, पूर्व सचिव नरेश कुमार, पूर्व कोर्ट सदस्य तेजराम शर्मा, अधिकारी संघ के अध्यक्ष हितेश्वर ठाकुर सहित समस्त कर्मचारी नेताओं ने विवि प्रशासन से मांग की है कि मूल्यांकन ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों के बकाया मानदेय का तुरंत भुगतान करें। यदि यह भुगतान नहीं किया जाता है तो परीक्षा परिणाम में देरी के लिए विवि प्रशासन जिम्मेदार होगा।

रूसा सुधार कमेटी और कॉलेज प्राध्यापकों की मांग पर कुलपति की मंजूरी मिलने के बाद इस बार ही यूजी के सेमेस्टर परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं को सीधे मूल्यांकन केंद्र न भेजकर विवि लाए जाने की व्यवस्था की थी। यहां से पुस्तिकाओं को जांचने के लिए केंद्रों में भेजने की व्यवस्था होगी। परीक्षा केंद्रों से आई हजारों छात्रों की उत्तर पुस्तिकाएं अभी तक विवि के स्टोर में ही पड़ी हैं। इन्हें केंद्रों को भेजने का कार्य करने को कर्मचारी तैयार नहीं हैं।
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विवि के परीक्षा नियंत्रक प्रो. श्याम लाल कौशल ने कहा कि बकाया भुगतान की समस्या का उच्च अधिकारियों के सहयोग से समाधान किया जाएगा।
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