आईआईएम री-ग्रेजुएशन प्रोग्राम में एल्युमनाई ने दोबारा गाउन पहना और पूरे जोश के साथ हवा में टोपियां उछालीं। चेहरे पर इतनी खुशी दिखाई दे रही थी कि लगा, मानो आज ही डिग्री हासिल की हो।
यह नजारा था इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (आईआईएम) लखनऊ में आयोजित एल्युमनाई मीट नॉस्टैल्जिया-2013 के दूसरे दिन के कार्यक्रम का।
1988 बैच व 1993 बैच के स्टूडेंट्स सुबह छह बजे अलीगंज के सेक्टर-ओ स्थित गिरी विकास अध्ययन संस्थान पहुंचे और वहां से दौड़ लगाकर कैंपस लौटे। शाम को सभी लोग लखनऊ की सैर पर निकले और गंजिंग की।
सोमवार को आईआईएम लखनऊ के कनवोकेशन ग्राउंड में री-ग्रेजुएशन प्रोग्राम में बैच- 1988, 1993, 1998, 2003 के स्टूडेंट गाउन पहनकर पहुंचे। यहां उनका स्वागत आईआईएम के डायरेक्टर प्रो. देवी सिंह ने किया।
यहां सभी ग्रुप्स ने उनके साथ फोटो खिंचवाई। इसके बाद हवा में कैप उछालकर जश्न मनाया। कार्यक्रम में पूर्व छात्रों को गिफ्ट दिए गए। ऐसा लग रहा था, मानो सभी को आज ही डिग्री मिली हो।
1988 बैच के अमित चटर्जी, विवेक गोयनका व अशोक जैन, 1998 बैच के नितीश अस्थाना, उनकी पत्नी शोभा सभी ने कहा कि दोबारा गाउन पहनकर कॉलेज डेज की याद आ गई।
1993 बैच के विनीत सिंह चौहान, कृष्णा गोबिली, रवि किरण सहित कई एल्युमनाई कॉफी व चाय की चुस्कियों के बीच अपनी पुरानी यादों को ताजा कर रहे थे। सभी चर्चा कर रहे थे कि आज कैम्पस में काफी संसाधन हैं।
उनके समय में ऐसा नहीं था लेकिन फिर भी टीचर्स ने ऐसी ग्लोबल एजूकेशन दी, जिसने उनकी जिंदगी बना दी। वर्तमान छात्रों के साथ एल्युमनाई ने क्रिकेट भी खेला।
बीच-बीच में छात्रों को अच्छे मैनेजमेंट के बारे में बताया। शाम को पूर्व छात्र एक साथ हजरतगंज की सैर पर निकले। यहां उन्होंने गंजिंग के साथ-साथ टुंडे कबाब खाए। विदेशों से आए एल्युमनाई लखनऊ का नया रंग-रूप देखकर खुश हुए।
मार्च-2014 में रिलीज होगी ‘मंजुनाथ’ फिल्म
आईआईएम लखनऊ के 2003 बैच के स्टूडेंट रहे मंजुनाथ षडमुगम पर फिल्म बनकर तैयार हो गई है। इस फिल्म का ट्रेलर सोमवार को आईआईएम लखनऊ में दिखाया गया।
फिल्म के डायरेक्टर संदीप वर्मा ने बताया कि मंजुनाथ षडमुगम की ईमानदारी पर बनी फिल्म मंजुनाथ को मार्च-2014 में देश भर में रिलीज किया जाएगा।
इस फिल्म की शूटिंग आईआईएम लखनऊ, लखीमपुर खीरी और राजधानी के अलावा मुंबई में की गई है। इस कॉमर्शियल फिल्म में मशहूर अभिनेत्री दिव्या दत्ता, सीमा विश्वास व अभिनेता यशपाल शर्मा ने काम किया है।
गायक शंकर और केके ने फिल्म के गाने गाए हैं और दिल्ली के बैंड ‘परिक्रमा’ ने म्यूजिक दिया है। फिल्म के डायरेक्टर कहते हैं कि दो घंटे की इस फिल्म को बनाने के लिए तीन साल रिसर्च किया गया।
इसके बाद डेढ़ साल में फिल्म बनाई गई है। उन्होंने कहा कि मंजुनाथ ईमानदारी का प्रतीक थे और आईआईएम के इस एल्युमनाई ने इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन में लखीमपुर खीरी में बतौर सेल्स मैनेजर की नौकरी करते हुए मिलावटी पेट्रोल बेचने के गोरखधंधे का खुलासा किया।
संदीप वर्मा ने कहा कि 19 नवंबर, 2005 का मंजूनाथ की हत्या कर दी गई। इसके बाद आईआईएम के सभी एल्युमनाई ने डेढ़ वर्ष की लड़ाई लड़कर हत्या के सात आरोपियों को उम्रकैद दिलवाई।
इसलिए मंजूनाथ पर फिल्म बनाने का निर्णय लिया गया। इस फिल्म का ट्रेलर जब नॉस्टैल्जिया में दिखाया गया तो मंजुनाथ षडमुगम के साथ पढ़े बैच-2003 के स्टूडेंट विनीत बेग, दीपक, राकेश जैन, लीना आदि सहपाठी भावुक हो गए।
फिलहाल आईआईएम के एल्युमनाई को इस फिल्म के रिलीज होने का इंतजार है। इस फिल्म के डायरेक्टर संदीप वर्मा पेशे से इंजीनियर हैं। वह अब तक 50 कंपनियों के लिए एड बना चुके हैं।
उन्होंने साक्षी तंवर अभिनीत फिल्म कहीं दूर बनाई थी, जो कि वेबसाइट पर पूरी दुनिया में खूब देखी गई।