डॉक्टर बनने में लड़कियों की दिलचस्पी ज्यादा है। सीबीएसई (केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड) की ओर से जारी एआईपीएमटी-2014 (ऑल इंडिया प्री मेडिकल प्री डेंटल टेस्ट) की ओर से जारी आंकड़े बताते हैं कि छात्राएं छात्रों के मुकाबले इस परीक्षा में अधिक आवेदन करती हैं।
परिणाम में आगे रहते हैं छात्र
हालांकि, परिणाम में छात्र ही आगे रहते हैं। बलूनी क्लासेज के एमडी विपिन बलूनी के मुताबिक लड़कियों के हिसाब से डॉक्टरी पेशा ज्यादा सही माना जाता है। मेडिकल कोचिंग करने वालों में भी लड़कियों की संख्या अपेक्षाकृत ज्यादा होती है। बताया कि एआईपीएमटी के लिए इस वर्ष 31 दिसंबर तक आवेदन भरे जाने हैं। बलूनी के मुताबिक इस बार भी छात्राओं की संख्या अधिक देखी जा रही है।
आंकड़ों पर नजर
कुल आवेदन: 6,16,982
आवेदन मंजूर: 5,79,707
छात्राएं: 3,21,322
छात्र: 2,58,282
परीक्षा में कुल उत्तीर्ण: 18,115
छात्राएं: 8399
छात्र: 9716
123 कॉलेज, 2156 सीटें
एआईपीएमटी से हर साल देशभर के 123 मेडिकल और 29 डेंटल कॉलेजों में आल इंडिया कोटे की 15 प्रतिशत सीटों पर दाखिले होते हैं। सीबीएसई के अनुसार 2014 में देशभर में एमबीबीएस की कुल 2156 और बीडीएस की कुल 249 सीटों पर प्रवेश दिए गए।
एक जनवरी से विलंब शुल्क
एआईपीएमटी 2015 के लिए 31 दिसंबर 2014 तक ऑनलाइन आवेदन किए जा सकते हैं। इसके बाद एक जनवरी से 31 जनवरी 2015 तक विलंब शुल्क के साथ आवेदन भरा जा सकता है।
एक अप्रैल 2015 से वेबसाइट पर एडमिट कार्ड उपलब्ध होंगे। प्रवेश परीक्षा तीन मई 2015 को आयोजित की जाएगी। अभ्यर्थी वेबसाइट www.aipmt.nic. in पर क्लिक कर सकते हैं।
गत वर्ष छात्राओं की संख्या ज्यादा थी। इस साल भी काफी संख्या में छात्राएं मेडिकल की तैयारी कर रही हैं। लेकिन प्रतियोगिता में लड़के ज्यादा आगे निकल जाते हैं।
- वैभव राय, प्रबंध निदेशक, वीआर क्लासेज