नैनीताल हाईकोर्ट के फैसले के बाद पैदा हुए दाखिलों के संकट से निपटने की कवायद श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विवि ने शुरू कर दी है।
अस्थायी तौर पर कैंपस चलाकर होगा प्रवेश
विवि के अधिकारियों की टीम सोमवार को सेलाकुई और आसपास के क्षेत्रों का दौरा किया। कुलपति का कहना है कि वह फिलहाल कोई सरकारी इमारत भी तलाश रहे हैं, जिसमें अस्थायी तौर पर कैंपस चलाकर प्रवेश प्रक्रिया की जा सके।
श्रीदेव सुमन विवि ने भी दून में अपना परिसर बनाने की कवायद तेज कर दी है। कुलपति डॉ. यूएस रावत ने बताया कि सहसपुर के पास उन्हें 12 हेक्टेयर के बजाए केवल दो हेक्टेयर जमीन मिली थी। अब उन्होंने रेशम विभाग की जमीन देखी है।
जमीन तो डीएम की ओर से ही फाइनल की जाएगी, लेकिन फिलहाल शासन से मिले निर्देशों के मुताबिक वह परिसर शुरू करने की कोशिश कर रहे हैं। कुछ सरकारी इमारतें देखी हैं, इनमें से जो भी सही होगी, उसका प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।
उन्होंने बताया कि जल्द ही कैंपस तलाशकर बीए, एमए, बीकॉम, एमकॉम सहित कई कोर्स की दाखिला प्रक्रिया शुरू की जाएगी। ताकि हाई मेरिट के कारण वंचित छात्रों को दाखिले का विकल्प मिल सके। निरीक्षण में उनके साथ कुल सचिव प्रो. एके तिवारी भी मौजूद रहे।
सरकारी भवनों में चलेगी कक्षाएं
इंटर पास जिन छात्र-छात्राओं को डिग्री कॉलेजों में प्रवेश नहीं मिला है, उनके लिए सरकारी भवनों में कक्षाएं तैयार की जा रही हैं।
जिलाधिकारी चंद्रेश कुमार यादव ने बताया कि डिग्री कॉलेजों में प्रवेश न पाने वाले बच्चों के लिए इवनिंग क्लास और अतिरिक्त कक्षाओं का इंतजाम जाएगा।
डाकपत्थर क्षेत्र के डिग्री कॉलेज में प्रवेश न पाने वाले छात्र-छात्राओं के लिए विभिन्न प्रोजेक्ट के भवनों में कक्षाओं का इंतजाम किया जा रहा है। क्षेत्र में कई प्रोजेक्ट हैं जिनके कमरे, दफ्तर दोपहर बाद खाली हो जाते हैं। इनमें इवनिंग क्लास चल सकती हैं।
शासन में अटकी मान्यता
श्रीदेव सुमन विवि ने 20 नए परंपरागत कॉलेजों का निरीक्षण करने के बाद मान्यता तो दे दी है, लेकिन फाइल शासन में अटकी पड़ी है।
शासन स्तर पर इनकी फाइल पास नहीं हो पाई है। इस वजह से यह कॉलेज शुरू नहीं हो पा रहे हैं।
दूसरी ओर एसोसिएशन आफ सेल्फ फाइनेंस इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष सुनील अग्रवाल ने मांग की है कि श्रीदेव सुमन विवि में मान्यता का आवेदन करने की तिथि बढ़ाई जाए।
उन्होंने निजी कॉलेजों की मान्यता की फाइलें शासन में अटकने पर भी चिंता जताते हुए इनके जल्द निस्तारण की मांग की।