शहर के 80 से अधिक प्राइवेट स्कूलों में एंट्री लेवल पर दाखिले के लिए अभिभावकों को अधिक जेब ढीली नहीं करनी पड़ेगी। प्राइवेट स्कूलों में इस साल आवेदन फार्म निशुल्क मिलेगा।
रजिस्ट्रेशन के लिए अभिभावकों को 50 रुपये फीस देनी होगी। पिछले साल स्कूलों ने आवेदन फार्म 100 रुपये में बेचा था। यह फैसला वीरवार को डीपीआई (स्कूल) और प्राइवेट स्कूल प्रिंसिपल की कॉमन एडमिशन शेड्यूल को लेकर हुई महत्वपूर्ण बैठक में लिया गया।
वीरवार दोपहर बाद सेक्टर-19 स्थित गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में कॉमन एडमिशन शेड्यूल को अप्रूव करने को लेकर डीपीआई (स्कूल) कमलेश कुमार और 60 से अधिक प्रिंसिपलों के बीच दो घंटे तक मंथन हुआ।
कई प्रिंसिपलों ने सरकारी स्कूलों में भी साथ ही दाखिला प्रक्रिया शुरू करने का मुद्दा उठाया। इसे डीपीआई ने स्वीकार कर लिया। बैठक में फैसला लिया गया कि स्कूल प्रोस्पेक्टस खरीदना अभिभावकों की इच्छा पर होगा।
इस महीने के अंत तक करना होगा अपलोड
स्कूलों को 01 दिसंबर से पहले वेबसाइट पर आवेदन फार्म अपलोड करना होगा। फार्म में दाखिले से संबंधी हर तरह की जानकारी स्कूलों को देनी होगी। इसमें एंट्री लेवल पर कुल सीटें, दाखिले की प्रक्रिया, अगले साल की फीस और अन्य खर्चों के बारे में विस्तार से बताना होगा।
कान्वेंट स्कूलों ने जताई सहमति
बैठक में शहर के चार कान्वेंट स्कूल प्रिंसिपल और प्रतिनिधि पहुंचे। सभी ने विभाग के कॉमन एडमिशन शेड्यूल पर रजामंदी दे दी।
सेंट जोंस स्कूल प्रिंसिपल कविता दास ने कहा कि विभाग के प्रपोजल पर उन्हें कोई ऐतराज नहीं है। एंट्री लेवल पर दाखिला लॉटरी सिस्टम से होगा।
शिक्षा विभाग एंट्री लेवल पर प्राइवेट और सरकारी स्कूलों में दाखिला का कॉमन एडमिशन शेड्यूल को एक-दो दिन में जारी कर देगा। दाखिला शेड्यूल 5 दिसंबर से 31 जनवरी के बीच पूरा कर लिया जाएगा।
नामी स्कूलों के प्रबंधक नहीं पहुंचे
मीटिंग में कई प्रतिष्ठित स्कूलों के प्रिंसिपल नहीं पहुंचे। इंडिपेंडेंट स्कूल एसोसिएशन के चेयरमैन और विवेक हाई स्कूल के डायरेक्टर एचएस मामिक, सेक्टर-26 स्थित सेंट कबीर स्कूल और सेक्टर-18 स्थित न्यू पब्लिक स्कूल प्रिंसिपल भी बैठक में नहीं पहुंचे।
डीपीआई (स्कूल) के अनुसार तीनों ही लोग शहर से बाहर होने के कारण मीटिंग में नहीं आए। उन्होंने फोन पर उनसे बातचीत की है।
आरटीई और ईडब्ल्यूएस पर फिर होगी मीटिंग
डीपीआई (स्कूल) ने प्राइवेट स्कूल प्रिंसिपल को साफ कर दिया है कि उन्हें आरटीई और ईडब्ल्यूएस को हर हाल में लागू करना होगा। डीपीआई ने कहा कि विभाग रिफंड की राशि को लेकर चल रही दिक्कतों को जल्द दूर करेगा। इस मामले में जल्द ही अलग से प्रिंसिपल के साथ मीटिंग की जाएगी।