किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) की शनिवार को हुई कार्यपरिषद की बैठक काफी हंगामेदार रही।
33 नए शिक्षकों के चयन और 53 शिक्षकों की प्रोन्नति को कार्यपरिषद ने हरी झंडी दे दी। वहीं, मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया और डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया के मानकों के अनुसार शिक्षकों और अन्य स्टाफ की भर्ती को भी मंजूरी दी गई।
कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के दो शिक्षकों के खिलाफ फर्जी अनुभव प्रमाण-पत्र लगाने के मामले की जांच को दोबारा शुरू करने का मुद्दा कार्यपरिषद में रखा गया तो कुछ सदस्यों ने इसकी जरूरत पर प्रश्न लगा दिया लेकिन बाद में जांच की अनुमति दे दी गई।
वहीं, रेडियोडायग्नोसिस सहित कई अन्य विभागों में विवाद के चलते रिजल्ट रोक लिया गया। कार्यपरिषद का सबसे संवेदनशील मुद्दा कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के दो शिक्षकों के खिलाफ दोबारा जांच की अनुमति देना रहा।
केजीएमयू प्रशासन का एक बड़ा धड़ा इन शिक्षकों के विरोध में बताया जा रहा था।
शिक्षक संघ की राजनीति में सक्रिय माने जाने वाले एक शिक्षक के खिलाफ दोबारा जांच की अनुमति देना, उनको शांत बैठाने के लिए की गई कार्रवाई के तहत माना जा रहा है।
केजीएमयू एक्ट के तहत बनाई गई डिसिप्लिनरी कमेटी इस मामले की जांच करेगी।