आईपी यूनिवर्सिटी में 6000 खाली सीटों पर अब एडमिशन नहीं होंगे, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट में विश्वविद्यालय प्रबंधन ने खाली सीटों पर दाखिले की अधिसूचना वापस ले ली है।
विश्वविद्यालय प्रबंधन ने एनओसी में देर की वजह से सीट अलॉटमेंट के लिए पहली बार ऑनलाइन काउंसलिंग शुरू की थी। काउंसलिंग के महज तीन ही राउंड हुए। अगस्त में ओपन राउंड हुआ। इसके बाद भी पोस्ट ग्रेजुएट और ग्रेजुएशन प्रोग्राम में लगभग 6000 सीट खाली रह गई थीं।
छात्रों की मांग पर प्रबंधन ने 1 सितंबर को स्पेशल ऑनलाइन राउंड आयोजित किया। इन खाली सीटों के लिए 8,000 से अधिक छात्रों ने भाग लिया था, लेकिन एसोसिएशन ऑफ सेल्फ फाइनेंशिंग इंस्टीट्यूट (आईपीयू से मान्यता प्राप्त कॉलेज) ने स्पेशल राउंड को गलत ठहराते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दी थी।
इसकी वजह से सीट अलॉटमेंट पर स्टे लगा दिया गया था। शैक्षणिक सत्र 2014-15 के तहत फरवरी में ही दाखिला आवेदन पत्र भरने की प्रक्रिया शुरू हो गई थी। सीट अलॉटमेंट के लिए संयुक्त प्रवेश परीक्षा भी समय पर हुई, लेकिन दिल्ली सरकार ने नया सत्र शुरू करने के लिए डेढ़ महीने की देरी से जून में एनओसी जारी की थी।