एसएफआई की राज्य कमेटी ने वीसी प्रो. एडीएन वाजपेयी को पद से हटाने और उनके तीन वर्ष के कार्यकाल में गिरे शैक्षणिक स्तर के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराकर प्रदेश भर में अभियान चलाया।
प्रदेश में कॉलेज इकाई कार्यकर्ताओं के माध्यम से 40 हजार पर्चे बांटे गए। कमेटी के सह सचिव पुनीत धांटा ने दावा किया कि छात्रों और अभिभावकों ने रूसा को छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करार दिया है।
बिना तैयारी लागू किए गए रूसा के कारण आम छात्र परेशान है। कुछ छात्र पढ़ाई छोड़ने तक मजबूर हुए हैं। धांटा का आरोप है कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली हार में रूसा को लागू करना भी एक मुख्य कारण रहा है।
कांग्रेस के कार्यकाल में इस तरह के छात्र विरोधी, आम जनता विरोधी फैसलों के साथ महंगाई और भ्रष्टाचार हार का मुख्य कारण रहा। बावजूद इसके प्रदेश की कांग्रेस सरकार लगातार आरोपों से घिरे रहे कुलपति को पद से हटाने की बजाय सेवा विस्तार देने का कार्य कर रही है।