तकनीक, प्रबंधन, फार्मा और डिप्लोमा शिक्षा की आस लगाए उत्तराखंड के छात्रों को बड़ा झटका लग सकता है।
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अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने प्रदेश के 25 संस्थानों के मान्यता आवेदनों पर रोक लगा दी है। परिषद की जांच में इन संस्थानों के ‘इंफ्रास्ट्रक्चर’ संबंधी दावे हवाई निकले। खास बात यह है कि इन संस्थानों में 15 सरकारी पॉलीटेक्निक, दो सरकारी और चार निजी इंजीनियरिंग कॉलेज, तीन मैनेजमेंट कालेज और एक फार्मा संस्थान शामिल है।
परिषद की वेबसाइट www.aicteindia.org पर यह जानकारी अपलोड की र्गई है। परिषद ने संबंधित संस्थानों को दिल्ली में 13 अप्रैल को होने वाली स्टैंडिंग कमेटी में अपील का मौका दिया है। सुनवाई के बाद ही इनकी मान्यता पर अंतिम निर्णय किया जाएगा। कमेटी संतुष्ट हुई तो ही इन संस्थानों में संबंधित पाठ्यक्रम चलाए जा सकेंगे।
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एक संस्थान की बंद करने की अर्जी
परिषद की सूची में शामिल देहरादून स्थित सेलाकुई इंस्टीट्यूट आफ हायर एजुकेशन प्रबंधन पहले ही संस्थान बंद करने की अर्जी दे चुका है। लेकिन तकनीकी विश्वविद्यालय में कार्रवाई लंबित होने से यह अर्जी निरस्त कर दी गई थी।
देशभर के 590 संस्थान
परिषद की वेबसाइट पर ‘रिजेक्टेड लिस्ट’ में देशभर के 590 तकनीकी, प्रबंधन, फार्मा और डिप्लोमा संस्थान शामिल हैं। बता दें कि एआईसीटीई वह स्वायत्त संस्था है जो देशभर में तकनीकी और अन्य रोजगारपरक पाठ्यक्रम संचालित करने वाले संस्थानों को मान्यता प्रदान करती है।