उत्तराखंड बोर्ड की सत्र 2014-15 की परीक्षाओं की तारीखें घोषित की जा चुकी हैं, लेकिन 2013-14 की हाईस्कूल, इंटर परीक्षा के टॉप टेन मेधावियों को अब तक सम्मानित नहीं किया जा सका है। यही नहीं, बेहतर परीक्षाफल देने पर चुने गए छह स्कूलों को भी अब तक पुरस्कृत नहीं किया गया है।
स्कूलों को पंडित दीनदयाल उपाध्याय शैक्षिक उत्कृष्टता पुरस्कार के रूप में दो से दस लाख की धनराशि और मुख्यमंत्री ट्राफी दी जाती है। लेकिन स्कूलों को अब पुरस्कार मिला भी तो फायदा नहीं होगा, क्योंकि पुरस्कार राशि को इसी सत्र में खत्म करना होगा और सत्र खत्म होने में अब दो माह बचे हैं।
पहले स्थान वाले को दस लाख
लगातार तीन साल तक 95 फीसदी से अधिक का परीक्षाफल देने वाले स्कूलों को पं. दीनदयाल उपाध्याय शैक्षिक उत्कृष्टता पुरस्कार दिया जाता है। इंटरमीडिएट में प्रथम स्थान वाले स्कूल को दस लाख, दूसरे स्थान पर रहे स्कूल को पांच और तीसरे को तीन लाख रुपये।
इसी तरह हाईस्कूल में प्रथम को आठ, दूसरे को चार और तीसरे को दो लाख की धनराशि दी जाती है। यह रकम स्कूल के अवस्थापना विकास, लाइब्रेरी आदि कार्यों पर खर्च की जा सकती है।
इन स्कूलों का हुआ चयन
इंटरमीडिएट: आईपी इंटर कॉलेज हरिद्वार (प्रथम), राणा प्रताप इंटर कॉलेज खटीमा ऊधमसिंह नगर (द्वितीय), केएमएसबी हिमालय इंटर कॉलेज चौकोरी पिथौरागढ़ (तृतीय)
हाईस्कूल: राणा प्रताप इंटर कॉलेज खटीमा ऊधमसिंह नगर (प्रथम), एपीएचएसएस जवाहर नगर रुद्रप्रयाग (द्वितीय), एसजीएसवीएमएचएसएस लक्षेश्वर उत्तरकाशी (तृतीय)
इनका है कहना
मेधावी बच्चों को पुरस्कार दिए जाने में देरी हुई है। 24 नवंबर को
कार्यक्रम प्रस्तावित था, लेकिन कुछ वजहों से यह टल गया। प्रयास किया जा
रहा है कि जल्द से जल्द मेधावी बच्चों, स्कूलों को पुरस्कृत किया जाए।
-राधिका झा, शिक्षा महानिदेशक