सोने की तस्करी रोकने के लिए सरकार ने थोक कारोबारियों के यहां सोने के स्टॉक की विधिवत जांच शुरू कर दी है। इसके तहत, सरकार की कोशिश यह सुनिश्चित करने की है कि थोक व्यापारी के स्टॉक में उपलब्ध सोना सही तरीके से आयात किया गया है या नहीं।
इस फिजिकल जांच में कारोबारी के स्टॉक में उपलब्ध सोने की मात्रा का मिलान बैंकों और सरकारी ट्रेडरों द्वारा आयातित सोने की मात्रा किया जा रहा है। दूसरी ओर, सरकार के इस कदम पर कारोबारियों और ज्वेलर्स ने आपत्ति जताई है और वह विरोधस्वरूप 10 मार्च को दुकानें बंद रखने की तैयारी में हैं।
अवैध सोना जाएगा पकड़ा?
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के महासचिव सुरेंद्र मेहता का कहना है कि सरकार ने सोने की तस्करी को रोकने के लिए सोने के स्टॉक की फिजिकल जांच शुरू कर दी है।
सरकारी एजेंसियां विभिन्न जगहों पर छापेमारी कर रही हैं और सोना जब्त कर रही हैं। कारोबारियों से आयातित सोने के साथ स्टॉक में उपलब्ध गोल्ड बार (सोना) की संख्या से उसका मिलान कराने को कहा जा रहा है। यदि आंकड़ों का मिलना सही नहीं हुआ, तो सोने की जब्त कर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार के इस कदम पर कारोबारियों ने आपत्ति जताई है।
करीब 1,200 सराफा कारोबारी और ज्वेलर्स दुकानों की जांच और आयात पर सख्ती के विरोध में 10 मार्च को दुकानें बंद करने की तैयारी में हैं। मेहता का कहना है कि रिटेलरों द्वारा वैध तरीके से आयातित सोने की खरीदारी किसी बिचौलिये या मध्यस्थ के जरिए करने पर इसे जांच में पकड़ लिया जा रहा है।
इतना अवैध सोना लाया गया
गौरतलब है कि बढ़ते व्यापार घाटे को काबू में लाने के तहत सरकार ने सोने का आयात घटाने के लिए कई कदम उठाए। सोने पर आयात शुल्क बढ़ाकर 10 फीसदी कर दिया गया। दुनिया में चीन के बाद भारत सोने का दूसरा सबसे बड़ा ग्राहक है।
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार 2013 में भारत में करीब 750 टन सोने का आयात हुआ था। जबकि, ऐसा माना जा रहा है कि इसके अतिरिक्त करीब 200 टन तक सोना तस्करी के जरिए देश में लाया गया।