राजस्थान सरकार को बिक्री कर नहीं चुकाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बिनानी सीमेंट लिमिटेड की जमकर खिंचाई की है। अदालत ने कहा कि कंपनी को कर चुकाना ही होगा।
जस्टिस विक्रमजीत सेन की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कहा कि ऐसी कंपनियां जो कर का भुगतान नहीं कर रहीं हैं, सरकार को उन्हें कोई रियायत नहीं देनी चाहिए।
अदालत ने कंपनी से कहा कि आप विज्ञापन के लिए अमिताभ बच्चन की एक प्रस्तुति पर कितना खर्च करते हैं। यह हजारों करोड़ रुपये होगा। केवल आप सरकार को कर नहीं दे सकते हैं।
ऐसे में सरकार आपके खिलाफ कार्रवाई न करे, तो क्या करे। अदालत ने कहा कि आपको अपने करों का भुगतान करना होगा।
शीर्ष अदालत सीमेंट निर्माता कंपनी द्वारा दायर याचिका की सुनवाई कर रही थी। कंपनी को राजस्थान सरकार को करीब 154 करोड़ रुपये का कर देना है।
कंपनी ने इसमें राज्य सरकार से भुगतान की व्यवस्था में छूट की मांग की थी। कंपनी की यह मांग राज्य सरकार और हाई कोर्ट से पहले ही खारिज हो चुकी है। इसके बाद कंपनी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
अदालत ने कहा कि यदि उद्योग कर नहीं देंगे, तो सरकार यह देश कैसे चलाएगी। उद्योगों की जिम्मेदारी केवल रोजगार के अवसर ही पैदा करना नहीं है बल्कि वह कर चुकाने के लिए भी जिम्मेदार हैं।