टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन इंडिया ने अपनी लाइसेंस अवधि को बढ़ाने के लिए डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम को चार हजार करोड़ रुपये देने का प्रस्ताव दिया है। कंपनी का यह प्रस्ताव ट्राई द्वारा नए लाइसेंस देने के लिए तय रिजर्व प्राइस की तुलना में 25 फीसदी कम है।
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कंपनी का कहना है कि यदि उसे दिल्ली, मुंबई और कोलकाता में मौजूदा लाइसेंस की अवधि का विस्तार 20 साल के लिए मिलता है, तो कंपनी चार हजार करोड़ रुपये देने को तैयार है। कंपनी को मिले लाइसेंस की अवधि 2014 में खत्म हो रही है।
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ट्राई की सिफारिशों के अनुसार कंपनी को इन क्षेत्रों में लाइसेंस के लिए नए सिरे से स्पेक्ट्रम लेना होगा। इसके लिए उसे करीब 1,600 करोड़ रुपये चुकाने पड़ सकते हैं।
कंपनी ने वित्त मंत्री पी. चिदंबरम को लिखे पत्र में कहा है कि वह टेलीकॉम नियामक ट्राई द्वारा यूनिफार्म स्पेक्ट्रम यूसेज चार्ज के तहत तीन फीसदी सीमा को सही मानती है।
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ऐसे में उच्चाधिकार प्राप्त मंत्रियों के समूह की बैठक में ट्राई के इस प्रस्ताव को स्वीकार करना चाहिए। हालांकि, कंपनी ट्राई द्वारा 1800 मेगाहर्ट्ज के लिए स्पेक्ट्रम की तय रिजर्व प्राइस को ज्यादा मानती है। पत्र में उसने कहा है कि इससे नीलामी में भागीदारी पर असर पड़ सकता है।