भारत और अमेरिका के बीच कारोबार बढ़ाने के लिए काम करने वाली संस्था यूएस-इंडिया बिजनेस काउंसिल (यूएसआईबीसी) गुजरात में निवेश के लिए हर साल आयोजित होने वाले वाइब्रेंट गुजरात कार्यक्रम के साथ जुड़ रही है। यूएसआईबीसी ने जनवरी 2015 में गांधीनगर में आयोजित होने वाले वाइब्रेंट गुजरात सम्मेलन भागीदार के रूप में शामिल होने की घोषणा की है।
इस बार का वाइब्रेंट गुजरात यूएसआईबीसी के लिए ऐसा चौथा सम्मेलन होगा, जिसमें उसका प्रतिधिमंडल भाग लेगा। जनवरी में होने वाले सम्मेलन में अमेरिकी दल में यूएसआईबीसी की सदस्य 300 से अधिक फार्च्यून-500 कंपनियों के प्रमुख (सीईओ) और टॉप मैनेजमेंट में शामिल अधिकारी भाग लेंगे।
यूएसआईबीसी के अध्यक्ष डिएन फैरेल ने कहा कि एक बार फिर से वाइब्रेंट गुजरात का हिस्सा बनते हुए हमें काफी खुशी हो रही है। लंबे समय से हम गुजरात में अच्छे कारोबारी माहौल के समर्थक रहे हैं। यह सम्मेलन हमारी सदस्य कंपनियों को इन्फ्रास्ट्रक्चर से पर्यटन तक और शिक्षा से लेकर मनोरंजन के क्षेत्रों में सहयोग और अपनी उपस्थिति को बढ़ाने का अवसर प्रदान करता है।
यूएसआईबीसी की ओर से वाइब्रेंट गुजरात में साझेदार बनने की घोषणा हाल ही में भारतीय प्रधानमंत्री द्वारा अपनी यात्रा के दौरान वाशिंगटन में अमेरिका के कॉरपोरेट दिग्गजों को संबोधित किए जाने के बाद की जा रही है। मोदी के इस भाषण के बाद काउंसलि ने संकेत दिया था कि अमेरिकी कंपनियां भारत में अगले दो-तीन वर्षों में ढाई हजार अरब रुपये से अधिक (41 अरब डॉलर) का निवेश कर सकती हैं।
उन्होंने कहा कि 2003 में अपनी शुरुआत के समय से ही वाइब्रेंट गुजरात भारत को एक अच्छे कारोबारी सहयोगी के रूप में दुनिया के सामने पेश करने का काम कर रहा है। यह आयोजन ग्लोबल विचारकों, नीति निर्माताओं, शिक्षा शास्त्रियों, उद्योगपतियों और निवेशकों को एक साझा प्लेटफार्म पर लाने का काम बखूबी कर रहा है।
फैरेल ने कहा कि वाइब्रेंट गुजरात के साथ यूएसआईबीसी का जुड़ाव नवंबर 2008 में शुरू हुआ। तब से अब तक अपनी कई वर्षों की सहभागिता के आधार पर हमारा मानना है कि यह सम्मेलन अमेरिकी कारोबारी जगत और हमारे सदस्यों के लिए गुजरात राज्य के साथ संपर्क बढ़ाने और दोनों देशों के बीच दो तरफा कारोबार को बढ़ावा देने के लिहाज से एक महत्वपूर्ण मंच है।
काउंसिल ने गुजरात सरकार को ग्लोबल फोकस वाले इस आयोजन को आयोजित करने और इतने वर्षों से इसे जारी रखने के लिए बधाई दी है। हमारा मानना है कि इस सम्मेलन से जुड़े रह कर हम गुजरात व भारत के साथ अपने रिश्तों को और मजबूत बना सकेंगे।