उत्तर प्रदेश सरकार ने इस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के 43 स्टेशनों के 5 किलोमीटर की परिधि में इंडस्ट्रियल जोन विकसित करने की महत्वाकांक्षी योजना शुरू की है।
उत्तर प्रदेश सरकार के प्रमुख सचिव, इंफ्रास्ट्रक्चर एंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट, संजीव शरण ने कहा कि 7 फीसदी आर्थिक विकास दर वाले राज्य में उपभोक्ता खर्च का हिस्सा सबसे अधिक है। ऐसे में उत्तर प्रदेश में उच्च गुणवत्ता की ढांचागत विकास की जरूरत है।
शरण ने सीआईआई इन्वेस्ट नार्थ 2014 में कहा कि उत्तर प्रदेश ढांचागत सुविधाओं के विकास के क्षेत्र में नए मानक स्थापित कर रहा है। राज्य में बड़ी परियोजनाओं के बारे में शरण ने कहा कि लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पूरा होने पर राज्य के सबसे बेहतर प्रोजेक्ट में से एक होगा और इससे राज्य में कनेकिक्टविटी को बढ़ावा मिलेगा।
इस प्रोजेक्ट पर 20,000 करोड़ रुपये की लागत आएगी। उन्होंने उत्तर प्रदेश की मजबूत कृषि पृष्टभूमि, बड़ा स्थानीय बाजार और राज्य में फैले व्यापक इंडस्ट्रियल जोन का हवाला देते हुए राज्य में मौजूद अवसरों का उल्लेख किया। उन्होंने उत्तर प्रदेश को 2017 तक पावर सरप्लस राज्य बनाने के राज्य सरकार के प्रयास की बात भी कही।