पेट्रोलियम सेक्टर की सरकारी कंपनी ओएनजीसी द्वारा रिलायंस इंडस्ट्रीज पर केजी बेसिन स्थिति ओएनजीसी के गैस क्षेत्र से अवैध रूप से गैस निकालने के मामले ने एक नया मोड़ ले लिया है।
रिलायंस के खिलाफ ओएनजीसी की शिकायत को आधारहीन बताते हुए सरकार की ओर से दिल्ली हाईकोर्ट में हलफनामा लगाए जाने पर राज्यसभा सांसद तपन सेन ने पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पत्र लिखकर सवाल उठाया है।
पत्र में सेन ने कहा है कि ओएनजीसी सरकार की महारत्न कंपनी है। देश में तेल और गैस की खोज को लेकर ओएनजीसी की काफ अच्छी साख है। ऐसे में रिलायंस के खिलाफ उसकी शिकायत अवश्य ही तकनीकी कारकों पर आधारित रही होगी।
ऐसे में मैं जानना चाहता हूं कि किस आधार पर पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने ओएनजीसी की शिकायत को आधारहीन आरोप करार दिया है। क्या ऐसा करने से पहले ओएनजीसी के आरोप की तकनीकी आधारों पर जांच कराई गई थी। यदि हां, तो मंत्रालय ने किस एजेंसी से यह जांच कराई थी।